अपर निदेशक, आईबी श्रीमती विनीता शर्मा, पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल व अपर पुलिस महानिदेशक (सुरक्षा) तरुण गाबा द्वारा श्री काशी विश्वनाथ धाम क्षेत्र का भ्रमण कर सुरक्षा एवं जनसुविधाओं का निरीक्षण, तदोपरान्त वरिष्ठ अधिकारियों संग समीक्षा गोष
अपर निदेशक, आईबी श्रीमती विनीता शर्मा, पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल व अपर पुलिस महानिदेशक (सुरक्षा) तरुण गाबा द्वारा श्री काशी विश्वनाथ धाम क्षेत्र का भ्रमण कर सुरक्षा एवं जनसुविधाओं का निरीक्षण, तदोपरान्त वरिष्ठ अधिकारियों संग समीक्षा गोष्ठी कर दिये गये आवश्यक दिशा-निर्देश
श्रद्धालुओं की अत्यधिक संख्या एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए अपर निदेशक आईबी श्रीमती विनीता शर्मा, पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल एवं एडीजी सेक्योरिटी तरुण गाबा द्वारा श्री काशी विश्वनाथ धाम क्षेत्र का स्थलीय भ्रमण कर सुरक्षा, यातायात एवं जन-सुविधाओं से संबंधित व्यवस्थाओं का विस्तृत निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के उपरांत मण्डलायुक्त वाराणसी मण्डल एस. राजलिंगम, एडीजी जोन पीयूष मोर्डिया, जिलाधिकारी वाराणसी सत्येन्द्र कुमार सहित व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ गोष्ठी कर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
प्रमुख निर्णयः
1. उड़पी एवं आसपास के दुकानदारों, ग्राहकों तथा गंगा द्वार से दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की सुगम एवं व्यवस्थित वापसी हेतु प्रमुख द्वार संख्या-04 के निकट प्रशासनिक भवन के बगल से वैकल्पिक मार्ग संचालित किये जाने के निर्देश दिये गये।
2. धाम क्षेत्र की सुरक्षा को और सुदृढ़ बनाने हेतु काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर की परिधीय दीवारों की ऊँचाई बढ़ाये जाने के निर्देश प्रदान किये गये।
3. भैरव गेट पर श्रद्धालुओं की भीड़ के प्रभावी नियंत्रण एवं व्यवस्थित आवागमन सुनिश्चित करने हेतु आधुनिक स्लाइडिंग गेट स्थापित किये जाने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया।
4. धाम क्षेत्र की गलियों एवं संवेदनशील मार्गों में सतत निगरानी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे स्थापित किये जाने के निर्देश दिये गये।
प्रमुख बिंदु :
1. सुरक्षा व्यवस्था एवं निगरानी प्रणाली को और प्रभावी बनाने के निर्देश
धाम क्षेत्र में पुलिस, पीएसी, सीआरपीएफ एवं अर्धसैनिक बलों की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये।
संवेदनशील स्थानों पर रूफटॉप ड्यूटी लगाकर चौबीसों घंटे सतर्क निगरानी रखने हेतु निर्देशित किया गया।
संपूर्ण धाम क्षेत्र की निगरानी सीसीटीवी कैमरों, पीटीजेड कैमरों, वीडियो एनालिटिक्स सिस्टम एवं ड्रोन तकनीक के माध्यम से निरंतर किये जाने पर बल दिया गया।
कंट्रोल रूम को अत्याधुनिक तकनीकों से सुदृढ़ करने के निर्देश दिये गये।
स्थापित एंटी-ड्रोन सिस्टम की कार्यक्षमता की समीक्षा करते हुए प्रशिक्षित कार्मिकों की तैनाती एवं आकस्मिक प्रतिक्रिया योजना को और मजबूत करने हेतु निर्देशित किया गया।
लगभग 325 सीसीटीवी कैमरों, वॉच टावरों, नाइट विजन उपकरणों एवं वीडियो वॉल सिस्टम के माध्यम से निगरानी बनाए रखते हुए ब्लाइंड स्पॉट समाप्त करने हेतु AI युक्त अतिरिक्त कैमरे लगाने की कार्यवाही की समीक्षा की गई।
2. भीड़ प्रबंधन एवं सुगम दर्शन व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर
श्रद्धालुओं के सुरक्षित एवं सुगम दर्शन-पूजन हेतु प्रवेश एवं निकास मार्गों पर व्यापक बैरिकेडिंग एवं चरणबद्ध भीड़ प्रबंधन प्रणाली लागू करने के निर्देश दिये गये।
भीड़ नियंत्रण एवं आपात स्थिति से प्रभावी निस्तारण हेतु निर्धारित स्थानों पर होल्डिंग एरिया विकसित करने की व्यवस्था की समीक्षा की गई।
श्रावण मास एवं विशेष पर्वों पर नो-व्हीकल एवं नो-मैन ज़ोन व्यवस्था लागू करने पर चर्चा की गई।
अलग-अलग मार्गों से दर्शन व्यवस्था संचालित करने तथा वृद्ध एवं दिव्यांग श्रद्धालुओं हेतु विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये।
श्रद्धालुओं को लंबी कतारों में बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने हेतु वीडियो वॉल, आरती प्रसारण प्रणाली एवं सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली को और प्रभावी बनाने पर बल दिया गया।
3. प्रवेश नियंत्रण एवं आधुनिक सुरक्षा उपकरणों की समीक्षा
मंदिर परिसर में प्रवेश करने वाले सभी श्रद्धालुओं, कर्मचारियों एवं सुरक्षाकर्मियों की प्रभावी चेकिंग/फ्रिस्किंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये।
एक्सेस कंट्रोल प्रणाली को और मजबूत किये जाने पर बल दिया गया।
सभी प्रवेश द्वारों पर प्रतिबंधित वस्तुओं की स्पष्ट सूची प्रदर्शित करने हेतु बड़े साइन बोर्ड लगाए जाने के निर्देश दिये गये।
श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु अतिरिक्त बैगेज एवं लॉकर काउंटर स्थापित करने पर चर्चा की गई।
प्रत्येक प्रवेश मार्गों पर एक्स-रे बैगेज स्कैनर, मल्टी-जोन डीएफएमडी एवं आधुनिक सुरक्षा उपकरणों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई।
4. घाट एवं जलमार्ग सुरक्षा को और मजबूत करने के निर्देश
गंगा घाटों एवं जलमार्ग सुरक्षा को सुदृढ़ करने हेतु जल पुलिस, एनडीआरएफ एवं पीएसी की संयुक्त बोट पेट्रोलिंग को और प्रभावी बनाने पर बल दिया गया।
मोटर बोट की उपलब्धता बढ़ाने एवं घाटों पर निगरानी और सघन करने के निर्देश दिये गये।
5. कार्मिक प्रशिक्षण एवं सत्यापन अभियान में तेजी लाने पर बल
सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिसकर्मियों एवं अन्य कार्मिकों को आधुनिक सुरक्षा उपकरणों के संचालन, भीड़ प्रबंधन, आपदा प्रतिक्रिया एवं सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षण प्रदान करने के निर्देश दिये गये।
मंदिर परिसर में नियुक्त स्थायी, अस्थायी एवं निजी सुरक्षा कर्मियों के चरित्र सत्यापन अभियान को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने हेतु निर्देशित किया गया।
येलो जोन में रहने वाले व्यक्तियों, नाविकों एवं दुकानदारों के सत्यापन अभियान को और प्रभावी बनाने पर बल दिया गया।
6. साइबर सुरक्षा एवं सोशल मीडिया मॉनिटरिंग पर विशेष जोर
कमिश्नरेट सोशल मीडिया सेल द्वारा सतत निगरानी रखने एवं संवेदनशील सूचनाओं पर त्वरित प्रतिक्रिया देने के निर्देश दिये गये।
साइबर ऑडिट की नियमित व्यवस्था बनाए रखने तथा डिजिटल सुरक्षा प्रणाली को और मजबूत करने पर बल दिया गया।
7. श्रद्धालुओं एवं ड्यूटीरत पुलिस बल हेतु जनसुविधाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश
मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में पार्किंग, पेयजल, शौचालय, कैनोपी, बैठने की व्यवस्था एवं कैंटीन जैसी मूलभूत सुविधाओं को और बेहतर बनाने पर जोर दिया गया।
अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि आगामी पर्व-त्योहारों एवं श्रावण मास में सुरक्षा, यातायात एवं जनसुविधाओं के प्रत्येक बिंदु पर समन्वित एवं संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए निर्बाध, सुरक्षित एवं व्यवस्थित दर्शन व्यवस्था सुनिश्चित की जाये।
आज दिनांक 21.05.2026 को अपर निदेशक, आईबी श्रीमती विनीता शर्मा, पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल एवं अपर पुलिस महानिदेशक (सुरक्षा) तरुण गाबा द्वारा आगामी श्रावण मास, पर्व-त्योहारों एवं श्रद्धालुओं की अत्यधिक संख्या को दृष्टिगत रखते हुए श्री काशी विश्वनाथ धाम क्षेत्र का व्यापक स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा, यातायात, भीड़ प्रबंधन एवं जनसुविधाओं की व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया गया।
निरीक्षण के दौरान धाम क्षेत्र में पुलिस, पीएसी, सीआरपीएफ एवं अन्य अर्धसैनिक बलों की तैनाती, सीसीटीवी एवं पीटीजेड कैमरों द्वारा सतत निगरानी, ड्रोन एवं एंटी-ड्रोन प्रणाली की कार्यक्षमता, कंट्रोल रूम की तकनीकी सुदृढ़ता तथा संवेदनशील स्थलों पर रूफटॉप ड्यूटी व्यवस्था की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गयी।
श्रद्धालुओं के सुरक्षित एवं सुगम दर्शन-पूजन हेतु बैरिकेडिंग, चरणबद्ध भीड़ प्रबंधन प्रणाली, होल्डिंग एरिया, वीडियो वॉल एवं सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिये गये।
साथ ही उड़पी एवं आसपास के दुकानदारों, ग्राहकों तथा गंगा द्वार से दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की सुव्यवस्थित वापसी हेतु प्रमुख द्वार संख्या-04 के निकट वैकल्पिक मार्ग संचालित करने, मंदिर परिसर की परिधीय दीवारों की ऊँचाई बढ़ाने, भैरव गेट पर आधुनिक स्लाइडिंग गेट स्थापित करने तथा धाम क्षेत्र की गलियों में अतिरिक्त एआई युक्त सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश प्रदान किये गये।
निरीक्षण उपरान्त मण्डलायुक्त वाराणसी मण्डल एस. राजलिंगम, एडीजी जोन पीयूष मोर्डिया, जिलाधिकारी वाराणसी सत्येन्द्र कुमार एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा
गोष्ठी में आगामी पर्वों के दौरान निर्बाध, सुरक्षित एवं व्यवस्थित दर्शन व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये।
सोशल मीडिया सेल
पुलिस आयुक्त,
वाराणसी।
रिपोर्ट- युवराज जायसवाल.. वाराणसी
अपर निदेशक, आईबी श्रीमती विनीता शर्मा, पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल व अपर पुलिस महानिदेशक (सुरक्षा) तरुण गाबा द्वारा श्री काशी विश्वनाथ धाम क्षेत्र का भ्रमण कर सुरक्षा एवं जनसुविधाओं का निरीक्षण, तदोपरान्त वरिष्ठ अधिकारियों संग समीक्षा गोष