अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय द्वारा रथयात्रा मेला क्षेत्र का निरीक्षण, श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुगम दर्शन व्यवस्था का लिया जायजा
अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय द्वारा रथयात्रा मेला क्षेत्र का निरीक्षण, श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुगम दर्शन व्यवस्था का लिया जायजा
अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय), कमिश्नरेट वाराणसी शिवहरी मीणा द्वारा पुलिस उपायुक्त काशी जोन गौरव बंसवाल, अपर पुलिस उपायुक्त काशी जोन वैभव बांगर, सहायक पुलिस आयुक्त भेलूपुर गौरव कुमार, सहायक पुलिस आयुक्त दशाश्वमेध, संबंधित थाना प्रभारियों एवं पुलिस बल के साथ रथयात्रा मेला क्षेत्र का व्यापक भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण एवं श्रद्धालुओं हेतु की गई सुविधाओं का स्थलीय निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान मेला क्षेत्र में स्थापित समस्त सुरक्षा एवं प्रबंधन व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों से व्यवस्थाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की गई।
निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस आयुक्त ने पाया कि गत वर्षों की अपेक्षा इस वर्ष रथयात्रा मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुगम आवागमन को दृष्टिगत रखते हुए अत्यंत प्रभावी एवं व्यवस्थित प्रबंध किए गए हैं।
विशेष रूप से भगवान के दर्शन एवं पूजन हेतु आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुदृढ़ एवं वैज्ञानिक ढंग से बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है, जिससे दर्शनार्थियों का आवागमन सुव्यवस्थित एवं नियंत्रित रूप से संचालित हो रहा है।
महिला श्रद्धालुओं, वरिष्ठ नागरिकों तथा बच्चों को विशेष सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पृथक एवं सुरक्षित मार्गों का समुचित प्रबंधन किया गया है, जिससे वे बिना किसी असुविधा के सहज एवं सुरक्षित रूप से दर्शन-पूजन कर रहे हैं।
संपूर्ण मेला क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को अत्याधुनिक तकनीक से सुदृढ़ किया गया है। पूरे मेले की निगरानी टीथर्ड ड्रोन के माध्यम से निरंतर की जा रही है, जिससे प्रत्येक गतिविधि पर वास्तविक समय में निगरानी रखी जा रही है तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
इसके अतिरिक्त मेला क्षेत्र के महत्वपूर्ण स्थलों, प्रवेश एवं निकास मार्गों तथा भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर उच्च गुणवत्ता के सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं, जिनकी सतत मॉनिटरिंग के लिए एक समर्पित कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है।
कंट्रोल रूम से सभी कैमरों एवं ड्रोन की लाइव फीड पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया गया है।
मेला ड्यूटी में तैनात पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी बॉडी वॉर्न कैमरा (Body Worn Camera) के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित होने के साथ-साथ किसी भी घटना की वास्तविक रिकॉर्डिंग उपलब्ध हो रही है, जो कानून-व्यवस्था बनाए रखने में अत्यंत सहायक सिद्ध होगी।
श्रद्धालुओं की सुविधा एवं भीड़ प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मेला क्षेत्र में इस प्रकार बैरिकेडिंग की गई है कि दर्शनार्थियों का आवागमन बाधारहित एवं क्रमबद्ध बना रहे।
प्रमुख मार्गों, मंदिर परिसर तथा संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई है, जिससे किसी भी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न होने पाए।
श्रद्धालुओं, विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एंटी रोमियो स्क्वॉड की विशेष तैनाती की गई है, जो निरंतर मेला क्षेत्र में भ्रमण कर महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है। इसके अतिरिक्त चेन स्नैचिंग, जेबकतरी एवं अन्य आपराधिक गतिविधियों की रोकथाम के उद्देश्य से सादे वस्त्रों में महिला एवं पुरुष पुलिस कर्मियों की विशेष टीमों को रणनीतिक स्थानों पर तैनात किया गया है। ये टीमें संदिग्ध व्यक्तियों एवं असामाजिक तत्वों पर सतत निगरानी रखते हुए प्रभावी कार्रवाई कर रही हैं।
निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस आयुक्त ने मेला क्षेत्र में तैनात पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तत्परता, अनुशासन एवं समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा एवं शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखना कमिश्नरेट वाराणसी की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
आधुनिक तकनीक, प्रभावी भीड़ प्रबंधन, व्यापक निगरानी व्यवस्था तथा पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के माध्यम से रथयात्रा मेले को सुरक्षित, व्यवस्थित एवं श्रद्धालु-अनुकूल बनाने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं।
निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय), कमिश्नरेट वाराणसी द्वारा रथयात्रा मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था, कानून-व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन, यातायात संचालन, श्रद्धालुओं की सुविधा, महिला सुरक्षा तथा आधुनिक तकनीकी संसाधनों के उपयोग का गहन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के उपरांत संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निम्नलिखित विस्तृत निर्देश दिए गए-
समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी निर्धारित समय से पूर्व अपने ड्यूटी स्थल पर उपस्थित होकर ड्यूटी ग्रहण करना सुनिश्चित करेंगे। ड्यूटी के दौरान पूर्ण वर्दी, सुरक्षा उपकरण, वायरलेस सेट एवं बॉडी वॉर्न कैमरा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे तथा बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के ड्यूटी स्थल नहीं छोड़ेंगे।
सम्पूर्ण रथयात्रा मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को अत्यधिक सतर्कता एवं संवेदनशीलता के साथ संचालित किया जाए। प्रत्येक जोन एवं सेक्टर प्रभारी नियमित रूप से अपने क्षेत्र का पैदल भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का स्वयं निरीक्षण करेंगे तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।
भगवान के दर्शन-पूजन हेतु बनाए गए बैरिकेडिंग सिस्टम को पूर्णतः क्रियाशील रखा जाए। श्रद्धालुओं का प्रवेश एवं निकास पृथक-पृथक मार्गों से कराया जाए तथा कतारबद्ध व्यवस्था इस प्रकार संचालित की जाए कि किसी भी स्थान पर धक्का-मुक्की अथवा भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न न होने पाए।
महिला श्रद्धालुओं, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों एवं छोटे बच्चों के साथ आने वाले परिवारों को प्राथमिकता देते हुए उन्हें सुरक्षित, सम्मानजनक एवं सुगमता से दर्शन-पूजन कराने हेतु आवश्यक पुलिस सहायता उपलब्ध कराई जाए।
मेला क्षेत्र में स्थापित समस्त सीसीटीवी कैमरों की 24×7 लाइव मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम से की जाए। प्रत्येक कैमरे की कार्यशीलता का समय-समय पर परीक्षण किया जाए तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल फील्ड पुलिस तक पहुंचाकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
ड्रोन के माध्यम से सम्पूर्ण मेला क्षेत्र, भीड़-भाड़ वाले स्थानों, मंदिर परिसर, पार्किंग, प्रवेश-निकास मार्गों एवं संवेदनशील बिंदुओं की निरंतर हवाई निगरानी की जाए। ड्रोन से प्राप्त प्रत्येक महत्वपूर्ण इनपुट पर तत्काल प्रभावी पुलिस कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
ड्यूटी में लगे समस्त पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी बॉडी वॉर्न कैमरा को ड्यूटी अवधि में निरंतर चालू रखें, जिससे पुलिस कार्यवाही की पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित हो तथा आवश्यकता पड़ने पर रिकॉर्डिंग साक्ष्य के रूप में उपलब्ध हो सके।
कंट्रोल रूम को मेला संचालन का केंद्रीय कमांड सेंटर बनाते हुए सीसीटीवी, ड्रोन, वायरलेस, यातायात पुलिस एवं फील्ड पुलिस के मध्य प्रभावी समन्वय स्थापित किया जाए तथा प्रत्येक सूचना पर त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जाए।
चेन स्नैचिंग, जेबकतरी, मोबाइल चोरी, महिलाओं से छिनैती एवं अन्य आपराधिक घटनाओं की रोकथाम हेतु सादे वस्त्रों में पर्याप्त संख्या में महिला एवं पुरुष पुलिस कर्मियों की तैनाती की जाए। संदिग्ध व्यक्तियों पर विशेष निगरानी रखते हुए आवश्यक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एंटी रोमियो स्क्वॉड को निरंतर सक्रिय रखा जाए। सार्वजनिक स्थलों पर अभद्रता, छेड़छाड़ अथवा महिलाओं के प्रति किसी भी प्रकार के अपराध की सूचना मिलने पर तत्काल कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए।
प्रत्येक प्रवेश एवं निकास द्वार पर प्रभावी चेकिंग व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। आवश्यकता अनुसार हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर (HHMD), डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD) तथा अन्य सुरक्षा उपकरणों का प्रयोग करते हुए संदिग्ध व्यक्तियों एवं सामान की जांच की जाए।
डॉग स्क्वॉड एवं बम निरोधक दस्ता (BDDS) द्वारा मेला क्षेत्र, मंदिर परिसर, पार्किंग स्थल एवं अन्य संवेदनशील स्थानों की नियमित एंटी-सबोटाज चेकिंग कराई जाए तथा किसी भी संदिग्ध वस्तु के मिलने पर SOP के अनुसार कार्रवाई की जाए।
मेला क्षेत्र में किसी भी प्रकार के अतिक्रमण, अवैध ठेला-फड़, अनधिकृत पार्किंग अथवा अवरोध को तत्काल हटाया जाए, जिससे श्रद्धालुओं के आवागमन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
यातायात व्यवस्था को पूर्व निर्धारित ट्रैफिक डायवर्जन प्लान के अनुसार संचालित किया जाए। प्रमुख चौराहों, पार्किंग स्थलों एवं डायवर्जन बिंदुओं पर पर्याप्त यातायात पुलिस बल तैनात कर जाम की स्थिति उत्पन्न न होने दी जाए।
आपातकालीन मार्ग (Emergency Corridor) को प्रत्येक स्थिति में पूर्णतः अवरोधमुक्त रखा जाए। एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड एवं अन्य आपातकालीन सेवाओं की निर्बाध आवाजाही हर समय सुनिश्चित की जाए।
मेला क्षेत्र में स्थापित पब्लिक एड्रेस सिस्टम (PA System) को निरंतर संचालित रखा जाए। समय-समय पर श्रद्धालुओं को सुरक्षा संबंधी निर्देश, यातायात व्यवस्था, खोया-पाया केंद्र एवं अन्य आवश्यक सूचनाओं का प्रसारण किया जाए।
खोया-पाया केन्द्र को पूर्णतः सक्रिय रखा जाए। बिछड़े हुए बच्चों, महिलाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों को शीघ्र उनके परिजनों से मिलाने हेतु प्रशिक्षित पुलिस कर्मियों की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित की जाए।
सोशल मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एवं अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म की सतत निगरानी की जाए।
अफवाह फैलाने वाले, भ्रामक सूचना प्रसारित करने वाले अथवा सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध तत्काल वैधानिक कार्रवाई की जाए।
समस्त होटल, धर्मशाला, गेस्ट हाउस, लॉज एवं किराये के आवासों का नियमित सत्यापन कराया जाए। संदिग्ध व्यक्तियों अथवा बिना सत्यापन के ठहरने वालों के संबंध में तत्काल स्थानीय थाना एवं कंट्रोल रूम को सूचना उपलब्ध कराई जाए।
मेला क्षेत्र की छतों (Rooftops), ऊँची इमारतों एवं अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर आवश्यकतानुसार पुलिस बल की तैनाती करते हुए निरंतर निगरानी रखी जाए तथा किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को ऐसे स्थानों पर एकत्र न होने दिया जाए।
अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, विद्युत विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखा जाए। पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, चिकित्सा सुविधा, साफ-सफाई एवं अन्य जनसुविधाएं निर्बाध रूप से संचालित होती रहें तथा किसी भी समस्या का तत्काल समाधान कराया जाए।
पुलिस प्रतिक्रिया वाहन (PRV), मोटरसाइकिल स्क्वॉड, क्यूआरटी एवं रिजर्व पुलिस बल को निरंतर अलर्ट मोड में रखा जाए। किसी भी आकस्मिक घटना, कानून-व्यवस्था की स्थिति अथवा आपदा की सूचना पर न्यूनतम समय में मौके पर पहुंचकर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
प्रत्येक सेक्टर एवं जोन प्रभारी नियमित रूप से अपने क्षेत्र की स्थिति की समीक्षा करते हुए समय-समय पर कंट्रोल रूम एवं उच्चाधिकारियों को स्थिति रिपोर्ट उपलब्ध कराएं।
प्रत्येक महत्वपूर्ण घटना का समुचित अभिलेखीकरण एवं फोटोग्राफी/वीडियोग्राफी भी सुनिश्चित की जाए।
मेला क्षेत्र में तैनात समस्त पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी श्रद्धालुओं के साथ विनम्र, संयमित, धैर्यपूर्ण एवं जनमित्र व्यवहार करेंगे। प्रत्येक श्रद्धालु की समस्या का मौके पर ही समाधान करने का प्रयास किया जाए तथा पुलिस की सकारात्मक एवं संवेदनशील छवि स्थापित की जाए।
समस्त अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि रथयात्रा मेला अवधि के दौरान कानून-व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, महिला सुरक्षा, आधुनिक तकनीकी संसाधनों के प्रभावी उपयोग तथा श्रद्धालुओं की सुविधा से संबंधित प्रत्येक व्यवस्था का नियमित निरीक्षण किया जाए।
किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति, दुर्घटना अथवा कानून-व्यवस्था संबंधी घटना उत्पन्न होने पर बिना विलंब वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देते हुए त्वरित, समन्वित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, जिससे रथयात्रा मेला शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सकुशल संपन्न कराया जा सके।
आमजन से अपील
कमिश्नरेट वाराणसी पुलिस द्वारा समस्त श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे प्रशासन एवं पुलिस द्वारा निर्धारित व्यवस्थाओं एवं दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए धैर्य एवं अनुशासन बनाए रखें, किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें तथा किसी भी संदिग्ध व्यक्ति अथवा गतिविधि की सूचना तत्काल निकटतम पुलिसकर्मी अथवा कंट्रोल रूम को दें, जिससे रथयात्रा मेला सकुशल, शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराया जा सके।
सोशल मीडिया सेल
कार्यालय
अपर पुलिस आयुक्त,
काननू-व्यवस्था एवं मुख्यालय, कमिश्ननरेट वाराणसी।
रिपोर्ट- युवराज जायसवाल.. वाराणसी
अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय द्वारा रथयात्रा मेला क्षेत्र का निरीक्षण, श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुगम दर्शन व्यवस्था का लिया जायजा