•   Tuesday, 22 Sep, 2026
Police Commissioner Mohit Agarwal directed for changes in policing in accordance with the changing n prompt action and attack on the entire network of criminals in the cyber crime review seminar.

पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल द्वारा साइबर अपराध समीक्षा गोष्ठी में साइबर अपराध के बदलते स्वरूप के अनुरूप पुलिसिंग में बदलाव, त्वरित कार्रवाई एवं अपराधियों के पूरे नेटवर्क पर प्रहार के दिए निर्देश

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  Varanasi ki aawaz

पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल द्वारा साइबर अपराध समीक्षा गोष्ठी में साइबर अपराध के बदलते स्वरूप के अनुरूप पुलिसिंग में बदलाव, त्वरित कार्रवाई एवं अपराधियों के पूरे नेटवर्क पर प्रहार के दिए निर्देश

पुलिस आयुक्त ने कहा बनारस की पुलिसिंग में समयानुकूल बदलाव की आवश्यकता है। साइबर अपराध के बदलते स्वरूप एवं नए तौर-तरीकों को ध्यान में रखते हुए तकनीकी संसाधनों, साइबर इंटेलिजेंस एवं त्वरित कार्रवाई के माध्यम से अपराधियों के पूरे नेटवर्क तक पहुंचकर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

साइबर अपराध से संबंधित प्राप्त शिकायतों, साइबर फ्रॉड करने वालों के विरुद्ध की गई कार्रवाई एवं लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा की जाए। 

समस्त जोन साइबर प्रभारी प्रत्येक 15 दिन में समीक्षा कर प्रगति से अवगत कराएंगे, जिससे कार्रवाई को और प्रभावी बनाया जा सके। 

म्यूल अकाउंट खुलवाने एवं संचालित करने वाले तथा साइबर ठगी की धनराशि निकालने वालों को चिन्हित कर प्रभावी विधिक कार्रवाई की जाए। साथ ही फर्जी सिम जारी करने वालों, फर्जी कॉल सेंटर संचालकों तथा एटीएम के माध्यम से साइबर ठगी की धनराशि निकालने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

साइबर अपराध संबंधी शिकायतों का विस्तृत परीक्षण करते हुए शिकायतों के पंजीकरण एवं लंबित प्रकरणों में प्रभावी कार्यवाही, पारदर्शिता एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।

कमिश्नरेट वाराणसी की प्रमुख उपलब्धियाँ-

1. 58 साइबर गैंग का पर्दाफाश, 277 साइबर अपराधी गिरफ्तार

विगत एक वर्ष में साइबर क्राइम पुलिस वाराणसी ने संगठित साइबर अपराध के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए 58 साइबर गैंग का पर्दाफाश कर 277 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में विधिक कार्रवाई कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया।

2. डिजिटल अरेस्ट के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई

डिजिटल अरेस्ट के मामलों में साइबर क्राइम पुलिस वाराणसी द्वारा 05 अभियोगों में 36 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्तों के कब्जे से संबंधित मामलों की लगभग ₹1.20 करोड़ की धनराशि, मोबाइल फोन, चार पहिया वाहन एवं महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक/डिजिटल उपकरण बरामद किए गए।

3. 15 अवैध कॉल सेंटरों का भंडाफोड़, 175 गिरफ्तार

साइबर अपराध के संगठित नेटवर्क के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए विगत एक वर्ष में 15 अवैध कॉल सेंटरों का भंडाफोड़ कर 175 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। निवेश, विदेशी नागरिकों से ठगी एवं नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले नेटवर्क को चिन्हित कर प्रभावी कार्रवाई की गई।

4. 16,982 NCRP शिकायतों का निस्तारण

साइबर अपराध से संबंधित शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए विगत एक वर्ष में 16,982 NCRP शिकायतों का निस्तारण किया गया। प्रत्येक शिकायत के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर विशेष जोर देते हुए लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा एवं प्रभावी मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए।

5. ₹25 करोड़ की धनराशि होल्ड, ₹4.5 करोड़ की रिकवरी

साइबर ठगी के मामलों में त्वरित वित्तीय कार्रवाई करते हुए ₹25 करोड़ की धनराशि होल्ड कराई गई। नियमानुसार आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण कर ₹4.5 करोड़ की धनराशि पीड़ितों को वापस कराई गई, जिससे साइबर अपराध से प्रभावित नागरिकों को महत्वपूर्ण आर्थिक राहत मिली।

6. 10,176 मोबाइल नम्बर एवं 8,262 IMEI ब्लॉक

साइबर अपराध में प्रयुक्त संसाधनों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 10,176 मोबाइल नम्बर एवं 8,262 मोबाइल डिवाइसों के IMEI नम्बर ब्लॉक कराए गए। इस कार्रवाई से साइबर अपराध में प्रयुक्त संदिग्ध मोबाइल संसाधनों के पुनः दुरुपयोग पर प्रभावी अंकुश लगाने में सहायता मिली।

7. 21 अभियुक्तों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई

संगठित साइबर अपराध के नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से गिरफ्तार अभियुक्तों में से 21 अभियुक्तों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। साइबर अपराधियों के संगठित नेटवर्क, सहयोगियों एवं आपराधिक गतिविधियों पर निरंतर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

8. 550 व्यक्तियों का सफल रेस्क्यू, 17 वाहन बरामद

साइबर अपराधियों के प्रलोभन एवं झांसे में आए 550 व्यक्तियों को सुरक्षित रेस्क्यू कराया गया। साथ ही साइबर अपराध में प्रयुक्त 17 चार पहिया वाहन बरामद किए गए। पीड़ितों की सुरक्षा, परिजनों से समन्वय एवं आवश्यकतानुसार सुरक्षित सुपुर्दगी की कार्रवाई सुनिश्चित की गई।

9. 25,000 से अधिक लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया

साइबर अपराध की रोकथाम के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाकर विद्यालयों, शिक्षण संस्थानों, सार्वजनिक स्थलों एवं प्रमुख चौराहों पर 25,000 से अधिक लोगों को जागरूक किया गया। नागरिकों को साइबर ठगी के तौर-तरीकों, बचाव के उपायों एवं साइबर हेल्पलाइन संबंधी जानकारी दी गई।

10. साइबर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस आयुक्त के स्पष्ट निर्देश

पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने साइबर शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण, पीड़ितों को तत्काल सहायता, वित्तीय फ्रॉड में धनराशि होल्ड/रिकवरी तथा साइबर अपराधियों के नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई के साथ जन-जागरूकता को और व्यापक बनाने के निर्देश दिए।

पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल द्वारा कैम्प कार्यालय में आयोजित साइबर क्राइम समीक्षा गोष्ठी में कहा गया कि बनारस की पुलिसिंग में समयानुकूल बदलाव की आवश्यकता है। 

साइबर अपराध के बदलते स्वरूप एवं नए तौर-तरीकों को ध्यान में रखते हुए तकनीकी संसाधनों, साइबर इंटेलिजेंस और त्वरित कार्रवाई के माध्यम से अपराधियों के पूरे नेटवर्क तक पहुंचकर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। 

साइबर अपराध से संबंधित शिकायतों, साइबर फ्रॉड करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई एवं लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करते हुए समस्त जोन साइबर प्रभारी प्रत्येक 15 दिन में प्रगति की समीक्षा करेंगे। 

म्यूल अकाउंट खुलवाने एवं संचालित करने वालों, साइबर ठगी की धनराशि निकालने वालों, फर्जी सिम जारी करने वालों, फर्जी कॉल सेंटर संचालकों तथा एटीएम के माध्यम से ठगी की धनराशि निकालने वालों को चिन्हित कर सख्त विधिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। विगत एक वर्ष में 58 साइबर गैंग का पर्दाफाश, 277 साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी, 15 अवैध कॉल सेंटरों का भंडाफोड़, 16,982 NCRP शिकायतों का निस्तारण, ₹25 करोड़ की धनराशि होल्ड एवं ₹4.5 करोड़ की रिकवरी सहित अन्य उपलब्धियों पर पुलिस आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों एवं टीमों की सराहना करते हुए उनके प्रयासों की प्रशंसा की तथा साइबर अपराध के विरुद्ध कार्रवाई को और अधिक प्रभावी एवं परिणामपरक बनाने के निर्देश दिए। 

पुलिस उपायुक्त अपराध श्रीमती नीतू, पुलिस उपायुक्त राजेश कुमार पाण्डेय, अपर पुलिस उपायुक्त अपराध नृपेन्द्र, समस्त जोन साइबर प्रभारी तथा थानों के साइबर नोडल अधिकारी व कर्मचारीगण उपस्थित रहे। 

सोशल मीडिया सेल

पुलिस आयुक्त,

वाराणसी।

रिपोर्ट- युवराज जायसवाल.. वाराणसी
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