•   Thursday, 23 Jul, 2026
Varanasi Development Authority in collaboration with GAIL India Limited started operating electric passenger boats for the first time in Gangaji of Kashi under the Electric

वाराणसी विकास प्राधिकरण ने गेल इंडिया लिमिटेड के सहयोग से इलेक्ट्रिक बोट कन्वर्जन पायलट परियोजना के अंतर्गत काशी के गंगाजी में पहली बार इलेक्ट्रिक यात्री नौकाओं का संचालन प्रारम्भ किया

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  Varanasi ki aawaz

 

देश में स्वच्छ जल परिवहन की नई शुरुआत: काशी के गंगाजी में इलेक्ट्रिक नौकाओं के युग का शुभारम्भ

गंगा नदी में स्वच्छ, हरित एवं आधुनिक जल परिवहन की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए वाराणसी विकास प्राधिकरण ने गेल (इंडिया) लिमिटेड के सहयोग से "इलेक्ट्रिक बोट कन्वर्जन पायलट परियोजना" के अंतर्गत काशी के गंगाजी में पहली बार इलेक्ट्रिक यात्री नौकाओं का संचालन प्रारम्भ किया। 
परियोजना के प्रथम चरण का शुभारम्भ आज 23 जुलाई, 2026 को नमो घाट पर आयोजित कार्यक्रम में हुआ, जहाँ महापौर अशोक कुमार तिवारी ने परिवर्तित प्रथम 5 इलेक्ट्रिक नौकाओं का लोकार्पण किया। 

यह पहल माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्वच्छ, हरित एवं सतत विकास के विज़न को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस अवसर पर अपनी पारंपरिक नौकाओं को इलेक्ट्रिक नौकाओं में परिवर्तित कराने वाले दीपक साहनी, राकेश साहनी, ज्योतीलाल निषाद, दीपक कुमार साहनी एवं शुभम साहनी को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। 
नाविकों ने इस पहल के लिए माननीय प्रधानमंत्री एवं माननीय मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे उनकी आय बढ़ेगी तथा गंगा की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा।

उपाध्यक्ष, वाराणसी विकास प्राधिकरण, पुर्ण बोरा ने बताया कि प्रथम चरण में कुल 20 यात्री नौकाओं को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक प्रणाली में परिवर्तित किया जा रहा है, जिनमें से प्रथम 5 नौकाएँ आज नाविकों को समर्पित की गई हैं। 
उन्होंने कहा कि इस पायलट परियोजना की सफलता के आधार पर इसे आगामी समय में व्यापक स्तर पर लागू किया जाएगा, जिससे वाराणसी देश के अन्य नदी शहरों एवं अंतर्देशीय जलमार्गों के लिए स्वच्छ एवं हरित जल परिवहन का एक मॉडल बनेगा।

महापौर अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि इलेक्ट्रिक नौकाओं के संचालन से वायु, ध्वनि एवं जल प्रदूषण में उल्लेखनीय कमी आएगी तथा कार्बन उत्सर्जन घटेगा। 
उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रिक प्रणाली अपनाने से नाविकों की संचालन लागत में लगभग 80 प्रतिशत तक कमी आने का अनुमान है, जिससे उनका व्यवसाय अधिक लाभकारी बनेगा। साथ ही, पर्यटकों एवं स्थानीय नागरिकों को अधिक शांत, सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल जल परिवहन का अनुभव प्राप्त होगा।

आयरा इलेक्ट्रिक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री गगन कुमार मेहता ने बताया कि प्रत्येक इलेक्ट्रिक नौका में 15 किलोवाट क्षमता की इलेक्ट्रिक आउटबोर्ड मोटर, 20 किलोवाट-घंटा क्षमता का लिथियम बैटरी पैक, ईवी चार्जर, डिजिटल डिस्प्ले, जीपीएस ट्रैकिंग एवं रिमोट मॉनिटरिंग प्रणाली जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है।
प्रत्येक नौका सामान्य परिचालन में अस्सी घाट से नमो घाट के मध्य न्यूनतम तीन आवागमन (Round Trips) करने में सक्षम है। चयनित घाटों पर मानकों के अनुरूप चार्जिंग अवसंरचना भी विकसित की गई है।

कार्यक्रम के समापन पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, नाविकों एवं अन्य गणमान्य अतिथियों ने इलेक्ट्रिक नौकाओं से नमो घाट से भदैनी घाट तक जल भ्रमण कर परियोजना का अनुभव प्राप्त किया। इस अवसर पर गेल (इंडिया) लिमिटेड के महाप्रबंधक श्री सुशील कुमार भी उपस्थित रहे।

यह पायलट परियोजना भविष्य में वाराणसी सहित देश के अन्य अंतर्देशीय जलमार्गों पर इलेक्ट्रिक जल परिवहन के विस्तार के लिए एक आदर्श मॉडल सिद्ध होगी तथा स्वच्छ, हरित एवं सतत विकास के राष्ट्रीय अभियान को नई दिशा प्रदान करेगी।

रिपोर्ट- युवराज जायसवाल.. वाराणसी
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