•   Thursday, 09 Apr, 2026
Varanasi Police Station Sarnath Police Team arrested wanted accused Surendra Jaiswal in the case of

वाराणसी थाना सारनाथ पुलिस टीम द्वारा कंपनी के नाम पर धोखाधड़ी कर पैसा हड़पने के मामले में वांछित अभियुक्त सुरेन्द्र जायसवाल गिरफ्तार

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  Varanasi ki aawaz

वाराणसी थाना सारनाथ पुलिस टीम द्वारा कंपनी के नाम पर धोखाधड़ी कर पैसा हड़पने के मामले में वांछित अभियुक्त सुरेन्द्र जायसवाल गिरफ्तार

पुलिस आयुक्त वाराणसी के अपराधों की रोकथाम एवं वांछित फरार अभियुक्तों की गिरफ़्तारी हेतु चलाये जा रहे अभियान के क्रम में, पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन के निर्देशन मे, अपर पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन के पर्यवेक्षण में एवं सहायक पुलिस आयुक्त सारनाथ के नेतृत्व मे थाना सारनाथ पुलिस टीम द्वारा मु0अ0सं0-0135/2025 धारा 316(5),352,351 (3) बी0एन0एस0 थाना सारनाथ कमिश्नरेट वाराणसी से संबंधित नामजद वांछित अभियुक्त सुरेन्द्र जायसवाल पुत्र स्व० अमरनाथ जायसवाल निवासी पूर्व पता घुघुलपुर जलालीपट्टी थाना मडुवाडीह वाराणसी को पूछताछ के दौरान दिनांक-04.04.2026 को समय करीब 22.50 बजे थाना परिसर सारनाथ से गिरफ्तार किया गया। उक्त के संबंध में थाना सारनाथ पुलिस द्वारा अग्रेतर विधिक कार्यवाही की जा रही है।

घटना का विवरण-

दिनांक-20.03.2025 को वादी मुकदमा/प्रार्थी ने प्रतिवादीगण द्वारा वादी से आरटीजीएस के माध्यम से अपनी कम्पनी "कनक प्रीति निधि लिमिटेड" के नाम पर 57,50000/- रू0 लेने व पैसा वापस मागने पर गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी देने के सम्बन्ध में लिखित प्रार्थना पत्र दिया, जिसके आधार पर थाना सारनाथ में सुसंगत धाराओं में मुकदमा उपरोक्त पंजीकृत किया गया। जिसकी विवेचना थानाध्यक्ष पंकज कुमार त्रिपाठी द्वारा सम्पादित की जा रही है।

गिरफ्तार अभियुक्त का विवरण-

सुरेन्द्र जायसवाल पुत्र स्व० अमरनाथ जायसवाल निवासी पूर्व पता घुघुलपुर जलालीपट्टी थाना मडुवाडीह वाराणसी, उम्र करीब 35 वर्ष।

गिरफ्तारी का स्थान, दिनांक व समय-

थाना परिसर सारनाथ से, दिनांक-04.04.2026 को समय करीब 22.50 बजे ।

विवरण पूछताछ- अभियुक्त सुरेन्द्र जायसवाल ने पूछताछ करने पर बताया कि वादी से मैंने अपनी कम्पनी कनक निधि लिमिटेड के खाते में 23 लाख रुपये व अपने खाते में उनके भाई से 04 लाख रुपये लिए थे और

फिर मैंने वादी को खाते के माध्यम से करीब 9,30200/- रु० वापस भी कर दिया था। कुछ पैसे मैंने उनसे कैश में भी लिया था जिसके एवज में मैंने उन्हें 57,50000/- रुपये का चेक दिया था लेकिन मैं पैसा वापस नहीं कर पाया। कनक प्रीत निधि कम्पनी में और भी लोग डायरेक्टर हैं।

कम्पनी घाटे में होने के कारण काफी पैसा बकाया हो गया था और मैंने अपना जलालपट्टी वाला दोनों मकान बेच दिया था और पैसा लेकर बनारस से भाग गया था। 30 लाख रुपयों का मैंने एफडी करवाया था बाद में वो भी मुझे मिल गया।

चूंकि बकाएदार मुझे काफी परेशान करते थे इसलिए मैं कई जगहों पर कुछ-कुछ दिन किराए का कमरा लेकर रहता था और महीने दो महीने रहकर कमरा खाली कर देता था। मौके पर मेरे पास कोई स्थायी निवास नहीं है।

मैने वादी से कम्पनी के नाम पर पैसा लिया और उसे अपने निजी खर्चों में खर्च कर दिया। विश्वास के लिए मैंने उनको चेक दिया था। वादी को खाते में पैसे देने के अलावा मैंने कई टुकडों में उनको लाख दो लाख कैश दिया होगा, जिसका कोई रिकार्ड मेरा पास नहीं है।

आपराधिक इतिहास-

1. मु0अ0सं0-0135/2025 धारा 316(5),352,351 (3) बी0एन0एस0 थाना सारनाथ कमिश्नरेट वाराणसी ।

गिरफ्तारी/बरामदगी करने वाली पुलिस टीम का विवरण-

1. थानाध्यक्ष पंकज कुमार त्रिपाठी थाना सारनाथ कमिश्नरेट वाराणसी।

2. का0 सौरभ तिवारी थाना सारनाथ कमिश्नरेट वाराणसी।

रिपोर्ट- युवराज जायसवाल.. वाराणसी
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