•   Thursday, 15 Jan, 2026
Review meeting of Police Commissioner Commissionerate Varanasi Mohit Agarwal regarding control and quick disposal of cyber crime.

साइबर अपराध नियंत्रण एवं त्वरित निस्तारण को लेकर पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल की समीक्षा गोष्ठी

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  Varanasi ki aawaz

साइबर अपराध नियंत्रण एवं त्वरित निस्तारण को लेकर पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल की समीक्षा गोष्ठी

1. पुलिस आयुक्त द्वारा साइबर थाना, साइबर सेल एवं जनपद के समस्त थानों के साइबर हेल्प डेस्क प्रभारियों के साथ समीक्षा गोष्ठी आयोजित की गई। 

2. समीक्षा के दौरान पाया गया कि वर्ष 2025 में 06 कॉल सेन्टर्स का भण्डाफोड़ कर 76 साइबर अपराधियों को पकड़ गया । 

यह साइबर आपराधी वाराणसी से ही काल सेन्टर चला कर देश/विदेश के लोगों को ठगा करते थे । 

इस प्रकार के कॉल सेन्टर का भण्डाफोड़ वाराणसी पुलिस द्वारा पहली बार किया गया, इससे यह सिद्ध होता है कि कार्य यदि लगन, मेहनत  व निष्ठा से किया जाए तो कोई असंभव नही है । 

पुलिस आयुक्त द्वारा तकनीक का प्रयोग करते हुए वर्ष 2026 में भी इसी प्रकार साइबर अपराधियों पर कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया ।

3. इसी प्रकार म्यूल अकाउंट खोलने वाले 20 अभियुक्तों को व फर्जी नाम से सिम कार्ड बेचने वाली 15 फर्मों के विरूद्ध फर्म्स को चिन्हित कर जेल भेजा गया ।

4. वर्ष 2025 में साइबर सेल ने साइबर फ्रॉड में गये 9.5 करोड़ रुपये लोगों को वापस कराए ।

5. साइबर अपराध में लिप्त 4888 मोबाइल नं0 को ब्लॉक किया गया, 947 मोबाइल फोन(IMEI) डिएक्टिवेट किये गये व 115 फेक सोशल मीडिया अकाउंट डिएक्टिवेट किये गये ।

6. पहली बार साईबर अपराधियों पर गैंगस्टर एक्ट में भी कार्यवाही की गयी ।

7. 500 से अधिक जागरूकता अभियान कार्यक्रम आयोजित किये गये हैं ।

8. गोष्ठी के दौरान साइबर अपराधों की रोकथाम, त्वरित कार्यवाही एवं शिकायतों के प्रभावी निस्तारण को लेकर महत्वपूर्ण बिंदुओं पर समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए गए ।

9. पुलिस आयुक्त द्वारा साइबर अपराधों से संबंधित प्राप्त शिकायतों के 83% डिस्पोजल रेट पर संतोष व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों के कार्य की सराहना की गई तथा इस दर को और अधिक बढ़ाने हेतु निर्देशित किया गया।

10. प्रत्येक साइबर फ्राड प्रकरण में जिन मोबाइल नंबरों से धोखाधड़ी की गई है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर अनिवार्य रूप से ब्लॉक कराया जाए साथ ही संबंधित मोबाइल डिवाइस का IMEI नंबर भी ब्लॉक कराए जाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए, ताकि उस मोबाइल नं0/डिवाइस से भविष्य में पुनः किसी प्रकार का साइबर फ्राड न किया जा सके ।

11. उपलब्ध जनशक्ति का प्रभावी उपयोग करते हुए 24×7 (Round the Clock) ड्यूटी लगाए जाने तथा शिकायतों के LIEN टाइम को न्यूनतम करने हेतु निर्देश दिए गए। साथ ही प्रभारी अधिकारियों को इस प्रक्रिया के सख्त एवं सतत पर्यवेक्षण के लिए निर्देशित किया गया।

12. किसी भी साइबर अपराध के खुलासे के दौरान यह विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए कि अपराध से जुड़े पूरे गैंग/नेक्सस की पहचान कर सभी संलिप्त अभियुक्तों पर प्रभावी कार्यवाही की जाए । पूरे गैंग पर कार्यवाही होने पर ही कार्रवाई को पूर्ण माना जाएगा ।

13. समस्त प्रकरणों में अभियुक्तों का पूर्ण व सही विवरण समन्वय पोर्टल पर अनिवार्य रूप से भरने के निर्देश दिए गए, जिससे अपराधियों का समुचित डाटाबेस तैयार हो सके और भविष्य में प्रभावी मॉनिटरिंग संभव हो ।

साइबर अपराध नियंत्रण एवं त्वरित निस्तारण को लेकर पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल द्वारा कैम्प कार्यालय में साइबर थाना, साइबर सेल एवं जनपद के समस्त थानों के साइबर हेल्प डेस्क प्रभारियों के साथ एक विस्तृत समीक्षा गोष्ठी आयोजित की गई। 

समीक्षा के दौरान वर्ष 2025 में वाराणसी पुलिस द्वारा की गई ऐतिहासिक एवं प्रभावी कार्यवाहियों को रेखांकित किया गया, जिसमें वाराणसी से संचालित 06 अवैध कॉल सेंटरों का भंडाफोड़ कर 76 साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी, 20 म्यूल अकाउंट खोलने वाले अभियुक्तों एवं फर्जी नाम से सिम बेचने वाली 15 फर्मों पर कठोर कार्यवाही शामिल है। 

साइबर सेल द्वारा वर्ष 2025 में साइबर फ्रॉड के शिकार लोगों के 9.5 करोड़ रुपये वापस कराए गए, साथ ही 4888 मोबाइल नंबर ब्लॉक, 947 मोबाइल फोन (IMEI) डिएक्टिवेट तथा 115 फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट निष्क्रिय किए गए। 

पहली बार साइबर अपराधियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्यवाही की गई तथा 500 से अधिक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। 

गोष्ठी में 83% शिकायत निस्तारण दर पर संतोष व्यक्त करते हुए इसे और बेहतर बनाने, प्रत्येक फ्राड प्रकरण में मोबाइल नंबर व IMEI ब्लॉक कराने, 24×7 ड्यूटी व्यवस्था लागू करने, LIEN टाइम घटाने, पूरे गैंग/नेक्सस पर कार्यवाही सुनिश्चित करने एवं समन्वय पोर्टल पर अभियुक्तों का पूर्ण विवरण अद्यतन करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए । 

इस दौरान दौरान अपर पुलिस उपायुक्त साइबर अपराध श्रीमती नीतू, सहायक पुलिस आयुक्त साइबर अपराध विदुष सक्सेना सहित अन्य अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित रहे ।

 

सोशल मीडिया सेल

पुलिस आयुक्त,

वाराणसी।

रिपोर्ट- युवराज जायसवाल.. वाराणसी
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