•   Monday, 23 Mar, 2026
UP College in Varanasi the parliamentary constituency of Prime Minister Narendra Modi: Not a shooting incident but a gang w read the full story.

यूपी कॉलेज :-गोली कांड नही गैंगवार पूरी स्टोरी जरूर पढ़ें..

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  Varanasi ki aawaz

यूपी कॉलेज :-गोली कांड नही गैंगवार 
 पूरी स्टोरी जरूर पढ़ें..

यूपी कॉलेज गैंगवार मामले में  छात्र सूर्य प्रताप सिंह मारे गए   लोगों का कहना था वो सीनियर और मनबढ़ थे- जब तब मनजीत सिंह चौहान की  रैगिंग किया करते थे- मुर्गा बनाते थे, पीट पाट देते थे! 

शुद्धतम अपराधिक रूम माने तो कमाल है- बाप ड्राइवर माँ दाई लेकिन सूर्य प्रताप सिंह इतने मनबढ़ थे की कैम्पस में अपनी गैंग ही खड़ी कर दी थी! 

मनजीत डेलीगेसी का था और वो भी किसी मनबढ़ से कम नही था. यहाँ भी कमाल- बाप राजगीर माँ गृहणी लेकिन ये भी मनबढ़ थे इसलिए इन्होंने अपनी गैंग खड़ी कर दी! 

खैर, सैया भये कोतवाल तो अब डर कैसा, रामराज में भाजपा ने हर सनातनी को और कुछ न सही बेरोजगार और टनाटन मनबढ़ को तो अपराधी बना ही दिया है! 

 सूत्रों के अनुसार सूर्य प्रताप सिंह अपने मित्रों के साथ मनजीत की कई  बार पिटाई की थी इस बार भी उसने मनजीत और दूसरे नामजद आरोपी अनुज सिंह को पीट दिया  पर इस बार बात ज़्यादा बढ़ गई. और दोनों गैंगों के बीच बदला लेने की तना तनी हो गई!
मामला प्रिंसिपल तक पहुँचा, वह जानते थे किसी भी समय एक गैंग दूसरे पर भारी पड़ सकता है सो समझौते का रास्ता निकाल समझौता करा दिया। लेकिन मनजीत ठहरे कट्टर सनातनी- सदियों के अपमान का बदला सिर्फ़ मुगलों से थोड़े बनता है! तो बाहर निकले, घर गए, पिस्टल निकाले जो दो साल पहले एक सहपाठी से ही खरीदा था ,पुलिस के अनुसार फ़िलहाल वो पिस्टल विक्रेता सहपाठी फरार है! 

दो कैन बियर पिया और आकर ठोंक दिए- और तब तक ठोंकते रहे जब तक सूर्य प्रताप सिंह स्वर्ग नहीं निकल लिए! 
वही उनका गैंग बिखर गया अब कैम्पस इस गैंग का कमान कौन सम्भाले गा यह यक्ष प्रश्न है।

लोग इस मामले में सरकार की आलोचना करेंगे, करना भी चाहिए लोग अपने मौलिक अधिकार का पालन भी करगें, 
पुलिस द्वारा हत्यारे का फूल या हाफ भी इनकाउंटर न करना,वाराणसी शहर कैम्पस में लोगों द्वारा भी कहा जा रहा है कही मनजीत चौहान द्वारा किसी बड़े नेता के संरक्षण में अपनी गैंग तो नही खड़ा कर रहा है।
 
लेकिन आप सिर्फ पोलिटिकल (political)  विकास देखिए- 

1. आत्म निर्भरता: पिस्टल आदि खरीदने कहीं बाहर नहीं जाना है- कॉलेज के अंदर ही बिक रही है, शायद बन भी रही हो! 

2. सनातन गौरव: बाप चाहे ड्राइवर हो चाहे राजगीर- माने दोनों मजदूर ही- सनातन गौरव जाग उठा है। किसी ने अपमान किया तो सरकार, प्रशासन और कानून व्यवस्था गए तेल लेने- मिल वैसे वो भी नहीं पा रहा हो- पहले ट्रंप बेइज्जत करके रूस से ख़रीदना बंद करवाया था और अब ईरान मुश्किल से आने दे रहा! फिर भी मुहावरे में तीनों गए तेल लेने- सनातन गौरव जाग उठा है और किसी अपमान पे ठोंक देने से कम पर नहीं रुकेगा! 

3. सनातन में वफ़ादारी चरम पर है- प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार कि मारने वालों में मनजीत के मित्र अनुज सिंह भी शामिल थे, फ़रार हैं। लेकिन मनजीत क्रिमिनल  पोलटिकल मित्र धर्म निभा रहा हैं, जैसे इंडिया इज फादर लैंड इजरायल, सीना ठोंक के कह रहे हैं कि हम अकेले मारे हैं- अनुज वहाँ था ही नहीं! मन में मनजीत के लिए सम्मान बढ़ गया है भाई! जैसे यहां ट्रम्प का सम्मान बढ़ा है.

4. अब बस यही अनुज सिंह क्षत्रिय निकल गए तो सनातन गौरव चरम पर पहुँच गया- वह भी मरहूम राजपूत निकल गया है और हत्यारा ज़्यादा संभावना है कि लोनी ओबीसी। यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ का बँटेंगे तो कटेंगे वाला भय साफ़ है! पर अगर श्री अनुज सिंह राजपूत निकल गए तो एक हैं तो मृतक को जाने दीजिए बाक़ी सब सेफ़ हैं ये तय हो जाएगा! 

5. लेकिन यह बात स्पष्ट है पूरे घटनाक्रम में प्रिंसिपल की भूमिका किसी से छुपी नही है लोगों लगता है इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड प्रिंसिपल ही है इसलिए छात्रों ने वहां पहुंच कर तोड़फोड़ की थी.कैम्पस में चल रही किसी गैंग का शरणदाता भी हो सकता है यह कैम्पस के सूत्र बताते हैं

6...लेकिन पुलिस के जांच का विषय है अगर पुलिस सही तरीके से जांच करती है तो कही परत खुल सकती है।

7. जय रामराज! कहे या रावण राज्य अगर रावण राज्य है हमारे पुलिस कमिश्नर की कुर्सी खतरे में है..अगर राम राज्य कहे तो कैम्पस के अंदर एक बड़ा गैंग जन्म ले रहा है..

8. अगर कैम्पस अंदर गैंग जन्म ले रहा है तो पुनः  तय बड़ी घटना को नजरअंदाज नही किया जा सकता..राम राज्य में हमेशा पिसती तो निरीह जनता ही है।

रिपोर्ट- युवराज जायसवाल.. वाराणसी
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