•   Sunday, 06 Apr, 2025
A workers conference was organized by Akhil Bharatiya Hamara Samaj Party at Purnima Lawn Ashapur Var

वाराणसी आशापुर स्थित पूर्णिमा लॉन में अखिल भारतीय हमारा समाज पार्टी द्वारा कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन हुआ

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  Varanasi ki aawaz

अखिल भारतीय हमारा समाज पार्टी द्वारा कार्यकर्ता सम्मेलन


वाराणसी आशापुर स्थित पूर्णिमा लॉन में अखिल भारतीय हमारा समाज पार्टी द्वारा कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें वाराणसी ही नहीं विभिन्न राज्यों से लगभग 1000 की संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए,
  वहीं कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष वैश्य रविशंकर अंगारा ने कहा की क्या आपने कभी गंभीरता से विचार किया है कि आज हमारा समाज क्यों पिछड़ा है आज वास्तविक रूप से अगर वैश्यों की जनगणना करायी जाय तो पूरे देश में हमारी जन संख्या लगभग 38 प्रतिशत से भी ज्यादा है हमारी वैश्य जाति अलग अलग प्रदेशों में अलग-अलग क्षेत्रों में उप नामो से जानी जाती है जिसकी पहचान सामान्य रूप से कर पाना बहुत ही कठिन है और वैश्य समाज के अनगिनत संगठन सैकड़ो नहीं, बल्कि हजारों की संख्या मे अनंत काल से संचालित होते चले आ रहे है लेकिन क्या कारण है कि

इसके बावजूद हम आज भी मजबूत नहीं है?

हमारा समाज क्यों संगठित नहीं हो पाया?

क्यों हमारा समाज डर डर कर जीने को मजबूर है?

इन सारी बातो पर ध्यान पूर्वक चिंतन और मनन करेंगे तो इसके पीछे एक मात्र यही कारण दिखायी देगा कि हमारा समाज दोषी नहीं है बल्कि हमारे समाज के नेता ही एक मात्र दोषी है क्योंकि इतनी संख्या होने और काफी अर्से से वैश्य समाज के अलग अलग जातियों का संगठन संचालित होने के बावजूद हम आज तक संगठित नहीं हो पाये, हम आज भी कमजोर के कमजोर ही बने हुए है हमारे वैश्य समाज के नेता कभी भी मन से यह प्रयास ही नहीं किये कि हमारा पूरा वैश्य समाज एकजुट हो जाय, उनका एक मात्र यही ध्येय रहा है कि वे स्वयं कैसे मजबूत हो |

वहीं 

अखिल भारतीय हमारा समाज पार्टी के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव भूपेंद्र अग्रहरि ने कहा की देश के सेवा संगठन में से 85 प्रतिशत संगठन वैश्यों द्वारा संचालित होते हैं और राजनैतिक लाभ नगण्य, ऐसा नहीं है कि हमारा समाज राजनैतिक सहभागिता नहीं करता अथवा राजनीति में रुचि नहीं रखता, हमारा समाज अन्य समाजों की तरह तमाम राजनैतिक गतिविधियों में बढ़ - चढ़कर हिस्सा लेता है और बदले में राजनैतिक दल उन्हें कोई छोटा मोटा पद वगैरह देकर एक तरह का झुनझुना पकड़ा देते हैं और टिकट वितरण के समय इन्ही की अनदेखी करके किसी अन्य वर्ग के प्रत्याशी थोपकर इन्ही के बूते चुनाव लड़ते है और जीत हासिल करते है इस तरह सत्ता अथवा सरकारों में हमारे समाज की भागीदारी नगण्य रह जाती है आज वैश्यों का जिस तरह अपमान होता है |

नौकरशाही व अफसरशाही से वे जिस तरह सताए जाते है और यहाँ तक कि कोई भी असामाजिक तत्व वैश्यों को सबसे आसान चारा समझकर सताते है अथवा शोषण करते है और उनकी कोई सुनने वाला नहीं क्योकि वैश्य स्वभाव से झगड़ालू नहीं होते और यथासंभव विवादों से दूर रहना चाहते हैं और इसी से बचने के लिए वे तमाम राजनीतिक दलों में अपनी पहचान और पकड़ बनाना चाहते है जिससे कि वे इन समस्याओं से दूर रहें उनकी इसी कमजोरी का लाभ तमाम राजनैतिक दल पूरी शिद्दत से उठाते है |

कार्यक्रम संयोजक प्रदेश प्रमुख महासचिव मनीष गुप्ता ने अपने उद्बोधन में वैशों को आपस में रोटी बेटी का संबंध बनने पर जोर दिया जिससे वह समाज की एकता बनी रहे और वह समाज मजबूती से निरंतर आगे बढ़े

कार्यक्रम में मुख्य रूप से तेज बहादुर गुप्ता, देव कुमार राजू, अशोक जायसवाल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिनेश गुप्ता , राष्ट्रीय मंत्री मदन गुप्ता ,राष्ट्रीय मंत्री किरण मौर्या ,राष्ट्रीय अध्यक्ष युवा मोर्चा आशीष गुप्ता ,प्रदेश प्रवक्ता उत्तर प्रदेश /कार्यक्रम संचालक सुशील अग्रहरी ,प्रदेश प्रमुख  महासचिव उत्तर प्रदेश /कार्यक्रम संयोजक मनीष गुप्ता ,प्रदेश मीडिया प्रभारी रवीन्द्र गुप्ता , राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महिला मोर्चा सुषमा गुप्ता ,राष्ट्रीय महामंत्री महिला मोर्चा रेखा मोदनवाल ,राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महिला मोर्चा रानी जायसवाल ,राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष महिला मोर्चा सिमरन गुप्ता ,राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी महिला मोर्चा कविता निगम समेत भारत के विभिन्न राज्यों से आये सैकड़ों कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे ||

रिपोर्ट- आश्वनी जायसवाल, वाराणसी
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