बसपा सुप्रीमो का इंडिया को अप्रत्याशित सिग्नल ईवीएम को लेकर कहा अगर ईवीएम को हटा कर चुनाव किया जायेगा तो सदन पहुचाने का काम रिजल्ट जनता करेंगी


उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो सुश्री मायावती ने आज अपने जन्मदिन के मौके पर मीडिया को संबोधित किया
उन्होंने अपने जन्मदिन के मौके पर जो ऐलान किया है उसकी विपक्षी गठबंधन इंडिया ने उनसे अपेक्षा नहीं रखी होगी।
सुश्री मायावती ने कहा कि बहुजन समाज पार्टी आगामी लोकसभा चुनाव अपने बलबूते पर ही लड़ेगी और उनके समर्थकों का उन्हें यही जन्मदिन का तोहफा होगा कि वह इस चुनाव में अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज करेंगे।
सुश्री मायावती ने प्रदेश और राज्य सरकार का नाम लेकर सत्ता पर निशाना तो जरूर साधा। लेकिन सत्ता रूढ़ दल का नाम नहीं लिया। उन्होंने बात तो की वर्तमान की लेकिन नाम लिया भूतकालीन सत्तारूढ़ पार्टी कॉन्ग्रेस का। उन्होंने कहा कि थोड़ा सा मुफ्त अनाज देकर गरीबों को गुलाम बना दिया गया है। पूंजीवादी दल दलित समाज एवं अन्य पिछड़े समाजों को अपने पैरों पर खड़ा होता देखना नहीं चाहते जबकि उनकी पार्टी ने उनके लिए तमाम योजनाएं चलाई थीं। उनका स्वरूप बदलकर लाभ उठाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने इंडिया गठबंधन को लेकर सपा सुप्रीमो शब्द का इस्तेमाल किया और कहा कि सपा सुप्रीमो ने जिस तरह से गिरगिट की तरह से रंग बदला है, उसे देखते हुए उनके समर्थकों को सचेत रहना है।
सुश्री मायावती ने एक बात और विशेष कही, वह यह कि आजकल ईवीएम में धांधली की बातें बहुत चल रही हैं और यह भी संभव है कि अन्य बाहरी देशों की तरह से यहां भी कभी भी ईवीएम को हटाकर चुनाव कराए जा सकते हैं।
आकाश को अपना उत्तराधिकारी बनाए जाने के बाद अपने राजनीति से संन्यास लिए जाने की चर्चाओं से भी उन्होंने अपने समर्थकों को सावधान किया और कहा कि उनकी आखिरी सांस तक पार्टी की मजबूती के लिए रहेगी।
इस प्रकार जो विपक्षी गठबंधन इंडिया मायावती से बड़ी आस लगाए बैठा था, उसे उनसे निराशा ही नहीं वरन् भारी हताशा और हाथ लगी है। देखना होगा कि आगे का राजनीतिक परिदृश्य क्या सामने आता है और विपक्षी गठबंधन से जुड़े राजनीतिक दलों की इस पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है?
रिपोर्ट- के पी गौतम.. मथुरा