योगी सरकार की महिला सशक्तिकरण को पलीता लगया गोंडा पुलिस


योगी सरकार की महिला सशक्तिकरण को पलीता लगती गोंडा पुलिस
एक तरफ योगी सरकार महिला सशक्तिकरण की बात करती है वही गोंडा पुलिस इस जुमले को मिथ्या साबित कर सरेआम पलीता लगाया जा रहा हैं , जी हां हम बात कर रहे हैं गोंडा कोतवाल राजेश सिंह की, जो खुद इस समय गोंडा शहर के लिए दहशतगर्द बने हुए हैं। वहां न जनता बल्कि वहां के पत्रकार भी उनसे काफी भयभीत है। जब कोई आम व्यक्ति थाने में मुकदमा लिखवाने जाता है तो पुलिस कहती है कि पहले जांच होगी उसके बाद मुकदमा लिखा जाएगा ।लेकिन ऐसा कोतवाल राजेश सिंह बिना जांच के ही बिना साक्ष्य के ही मुकदमा लिखने में माहिर है। जिसका एक उदाहरण अभी हाल ही में गोंडा की सच्चाई दैनिक समाचार पत्र की संपादक पुनीता मिश्रा पर मुकदमा नंबर 0429 / 2024 धारा 354 ,323 504, 506 आईपीसी में दर्ज किया गया है। पत्रकार पुनीता मिश्रा का दोष इतना था कि वह अपनी बहन को महिला चिकित्सालय में दिखाने गई हुई थी,वहां पर उन्होंने देखा कि महिला चिकित्सालय में आशा बहू जो बिना यूनिफार्म के घूम रही थी। उसे आशा बहू को कवरेज करने के लिए पत्रकार अनीता मिश्रा ने अपने मोबाइल से वीडियोग्राफी करनी शुरू की जिस पर उक्त आशा बहू पत्रकार महिला पुनीता मिश्रा से मारपीट करने लगी और मोबाइल छीन लिया। यह सारा दृश्य महिला अस्पताल में सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो रहा था । जब पुनीता मिश्रा ने इस प्रकरण की तहरीर नगर कोतवाल राजेश सिंह को दी तो उन्होंने कहा तुम अपना मोबाइल ले जाना चाहो तो ले लो आशा बहू ने हमारे पास जमा किया है इस पर महिला पत्रकार ने कहा कि बिना लिखा पड़ी के हम अपना मोबाइल नहीं ले जाएंगे तो नगर कोतवाल ने उस पर कोई कार्रवाई न कर, बिना जांच के उल्टा मुकदमा पुनीता मिश्रा पत्रकार के खिलाफ संगीन धाराओं में पंजीकृत कर दिया। जबकि महिला पत्रकार के साथ हुई मारपीट मोबाइल छीनने की घटना अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे में कैद है। गोंडा कोतवाल ने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखने की जरूरत ही ना समझी बिना जांच के मुकदमा पंजीकृत कर दिया। खेद का विषय है की पत्रकार कवरेज कैसे करें ?गोंडा कोतवाल का कहना है पहले पूछो फिर फोटो खींचो अब इसमें गोंडा कोतवाल की क्या मनसा है इस विषय में कहना उचित नहीं होगा नियम की धज्जियां उड़ाते हुए लोगों की फोटो अनुमति लेकर खींची जाएगी तो क्या वह अपने आप को बचाने का प्रयास नहीं करेंगे ,और ऐसे में क्या कवरेज सही मानी जाएगी ऐसे तमाम सवाल पैदा हो रहे हैं आखिर इसका जवाब गोंडा कोतवाल देंगे।
सूत्रों के अनुसार, यह वही कोतवाल राजेश सिंह है जिन पर खुद मारपीट 10000 की रिश्वत लेते हुए कई संगीन अपराधों में मुकदमा अपराध संख्या 0086/ 2023 धारा अंतर्गत 323 5o4, 5o6, 452, 427 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 7 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 13 के अंतर्गत, सुनीता पत्नी फूलचंद निवासी ग्राम बंमभौरा थाना जरवल रोड जिला बहराइच ने दिनांक 3-03 -2023 को मुख्य न्यायाधीश दंडाधिकारी बहराइच के निर्देश पर, जरवल रोड थाने में तत्कालीन तैनात राजेश सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। उस समय राजेश सिंह जरवल रोड थाने के इंस्पेक्टर थे। इंस्पेक्टर राजेश सिंह के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज होने पर पुलिस विभाग में काफी हड़कंप भी मचा था। महिला सुनीता पत्नी फूलचंद ने इंस्पेक्टर राजेश सिंह के खिलाफ एफआईआर में कहा था कि उसके पति के साथ मारपीट की गई और पति को छोड़ने के एवज में ₹10000 देने के बाद पति को छोड़ा गया पुलिस की पिटाई से उसके पति को काफी छोटे आई थी। यह वही इंस्पेक्टर राजेश सिंह इस समय गोंडा कोतवाल है। जन चर्चा में यह भी है की आय से ज्यादा संपत्ति इंस्पेक्टर राजेश सिंह ने कहां से बनाई है। जन चर्चा में है राजेश सिंह के पास घर के अलावा भी बहुत सी संपत्तियां हैं एक फार्म हाउस भी है। यदि ऐसा है तो सरकार को इसकी जांच करानी चाहिए जो कि न्याय हित में है। पीड़ित महिला पत्रकार पुनीता मिश्रा ने कोतवाल राजेश सिंह के खिलाफ लिखित में प्रार्थना पत्र मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश मुख्य सचिव गृह उत्तर प्रदेश ,अपर पुलिस महानिरीक्षा गोरखपुर जोन उत्तर प्रदेश ,मंडला आयुक्त देवीपाटन मंडल गोंडा उत्तर प्रदेश ,जिला अधिकारी गोंडा उत्तर प्रदेश को लिखित में शिकायत की है। देखना यह है कि आखिर पीड़ित महिला पत्रकार को योगी सरकार में न्याय कब तक मिलेगा। किया भ्रष्टाचार में आरोपी कोतवाल राजेश सिंह के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी?
संपादक पुनीता मिश्रा पर मुकदमा नंबर 0429 / 2024 धारा 354 ,323 504, 506 आईपीसी में दर्ज किया गया है।
रिपोर्ट- सुमन जायसवाल..
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