•   Sunday, 06 Apr, 2025
In QCIs Sarpanch Samvad more than 500 Sarpanches pledged to fulfill the 9 resolutions of Honorable P

QCI के सरपंच संवाद में 500 से ज्यादा सरपंचों ने माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 9 संकल्पों को पूरा करने का संकल्प लिया और विकसित भारत 2047 के लिए गुणवत्तापूर्ण गांवों के निर्माण के लिए प्रतिबद्धता जताई

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  Varanasi ki aawaz

QCI के सरपंच संवाद में 500 से ज्यादा सरपंचों ने माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 9 संकल्पों को पूरा करने का संकल्प लिया और विकसित भारत 2047 के लिए गुणवत्तापूर्ण गांवों के निर्माण के लिए प्रतिबद्धता जताई


 *7 जनवरी 2024, वाराणसी:* वाराणसी और इसके पड़ोसी जिलों के 500 से ज्यादा सरपंच एक साथ आए और माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा दिए गए 9 संकल्पों को पूरा करने के लिए सामूहिक रूप से प्रतिज्ञा ली। गौरतलब है कि ये सभी सरपंच क्वॉलिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (QCI) द्वारा आयोजित 'सरपंच संवाद' पहल के तहत इकट्ठा हुए थे। यह एक ऐसी पहल है जो जमीनी स्तर पर गुणवत्ता बढ़ाने का काम करती है। "विकसित भारत@2047 के लिए गुणवत्तापूर्ण गांवों का निर्माण" विषय के तहत आयोजित कार्यक्रम में माननीया वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल की विशिष्ट उपस्थिति रही। इस दौरान QCI के अध्यक्ष श्री जक्षय शाह भी मौजूद रहे।

इस मौके पर *माननीया वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल* ने ग्राम प्रधानों को सशक्त बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “इस गौरव काल के दौरान माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा शुरू की गई विकसित भारत संकल्प यात्रा में योगदान देने में गाँव महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। QCI की सरपंच संवाद पहल गांव के प्रधानों को जमीनी स्तर पर विकास को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक जानकारी और संसाधनों से जोड़कर विकसित भारत यात्रा में योगदान देने के लिए एक लिंक के रूप में कार्य करती है। गुणवत्तापूर्ण गांवों के निर्माण में मात्र बुनियादी ढांचे का ही निर्माण ही नही करना है बल्कि हमे एक टिकाऊ और समावेशी समाज का भी निर्माण करना है जहां प्रत्येक नागरिक भारतीय गांवों को गुणवत्तापूर्ण गांवों में बदलने की दिशा में काम करने के लिए एक दूसरों को प्रेरित करते हुए आगे बढ़ सके।”


 *QCI के अध्यक्ष श्री जक्षय शाह* ने इवेंट के दौरान ग्रामीण विकास में गुणवत्ता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “इस गौरव काल में हमें विकसित भारत की ओर प्रेरित करने के लिए गुणवत्ता को शहरी केंद्रों से आगे बढ़कर हमारे ग्रामीण समुदायों के दिल तक पहुंचना चाहिए।  सरपंच संवाद पहल के माध्यम से हम शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, स्वच्छता और डिजिटल साक्षरता जैसे विषयों पर ध्यान केंद्रित करते हुए देश भर के सरपंचों को उनके गांवों में जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए उपकरणों और सर्वोत्तम प्रथाओं से लैस कर रहे हैं। हमने पूरे भारत में लगभग 2.5 लाख सरपंचों का एक डिजिटल नेटवर्क बनाने के उद्देश्य से सरपंच संवाद मोबाइल ऐप बनाया है। यह ऐप जानकारी साझा करने और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष और यूजर फ्रेंडली एकीकृत स्थान प्रदान करता है।”


इस कार्यक्रम में प्रतिष्ठित सरपंचों द्वारा पैनल चर्चाएं भी हुईं। सभी सरपंचों ने ग्रामीण विकास में अपनी सफलता की कहानियां और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा किया। इन कहानियों में आत्मनिर्भरता, सामुदायिक जुड़ाव, टिकाऊ प्रथाओं और डिजिटल पहल के पहलुओं को शामिल किया गया है। इस चर्चा ने अन्य प्रतिभागियों के लिए सभी क्षेत्रों में 'गुणवत्ता प्रथाओं' को अपनाने के लिए प्रेरणा स्रोत के रूप में कार्य किया। सरपंचों के बीच हुई इस चर्चा में ग्रामीण परिवर्तन को आगे बढ़ाने में सहयोग और जानकारी साझा करने के महत्व का प्रदर्शन हुआ।

रिपोर्ट- आश्वनी जायसवाल, वाराणसी
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