•   Saturday, 05 Apr, 2025
Jaunpur Minister of State for Law honored Jamias Dr Asif Umar with Teachers Excellence Award

जौनपुर देश के कानून राज्य मंत्री ने जामिया के डॉ आसिफ उमर को टीचर्स एक्सीलेंस अवॉर्ड से किया सम्मानित

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  Varanasi ki aawaz

जौनपुर देश के कानून राज्य मंत्री ने  जामिया के डॉ आसिफ उमर को टीचर्स एक्सीलेंस अवॉर्ड से किया सम्मानित 

 

जौनपुर: सरायख्वाजा थाना छेत्र के पोटरिया गांव निवासी   डॉ आसिफ उमर को अखिल भारतीय शिक्षक वार्षिक सम्मेलन 2022 में जामिया मिल्लिया इस्लामिया के टीचर्स एक्सीलेंस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

शिक्षक कल्याण फाउंडेशन और जन सेवा समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम में डॉ उमर को टीचर्स एक्सीलेंस अवॉर्ड से नवाजा गया। भारत सरकार में कानून राज्य मंत्री प्रोफेसर सत्य पाल सिंह बघेल ने डॉ उमर को सम्मानित करते हुए कहा कि जामिया और देश के अन्य प्रतिष्ठित संस्थान को महत्पूर्ण  शिक्षकों के प्रयास से ही लगातार उपलब्धियां मिल रही हैं। कार्यक्रम का विषय था, "राष्ट्रीय शिक्षा नीति: शिक्षा का वर्तमान परिदृश्य 2025" । 

इस अवसर पर भारत सरकार के ग्रामीण विकास राज्य मंत्री फग्गन सिंह भी मौजूद थे। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के एडिशनल सेक्रेटरी और आईएएस संतोष यादव थे। 
 

बघेल ने शिक्षक की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक शिक्षक के मन में किसी भी प्रकार का द्वेष नहीं होना चाहिए, चाहे वह जाति के आधार पर हो, वह रंग के आधार पर हो, धर्म के आधार पर हो। एक कक्षा में सभी बच्चों को समान नज़र से देखना और सभी बच्चों पर एक समान मेहनत करना ही शिक्षक का पहला कर्त्तव्य होना चाहिए। उन्होंने नई शिक्षा नीति का जिक्र करते हुए कहा कि हमें चाइना या जापान नहीं बल्कि भारत बनने पर जोर देना होगा और उस दिशा में मेहनत करनी होगी। हमें एक बार फिर से चाणक्य का भारत बनाना होगा। उन्होंने सभागार में मौजूद बच्चों और उनके अभिभावकों से निवेदन किया कि अपनी सैलरी को शिक्षा की तरफ खर्च करें क्योंकि इससे ही हम बेहतर भविष्य की उम्मीद कर सकते हैं। 

फग्गन सिंह ने सभागार को संबोधित करते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति में सरकार ने हर वर्ग के लोगों का खयाल रखा है। शिक्षा के सूर्य को हर घर तक ले जाने का प्रयास है। यह नीति बच्चों को भाषा की जंजीर से आज़ाद कर देगी क्योंकि इस नीति में बच्चों को अपनी मातृभाषा में भी अपनी पढ़ाई पूरी करने की बात कही गई है। देश के छोटे से छोटे गांवों के बच्चे जो भाषा के कारण शिक्षा से महरूम रह जाते थे उस समस्या का समाधान इस नई शिक्षा नीति में है। 

इस अवसर पर देशभर के शिक्षाविद मौजूद थे। इसी के साथ देश के अलग-अलग हिस्सों से आए हुए शिक्षकों और छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया गया। देश के विभिन्न हिस्सों से आए विद्यालय के शिक्षकों से लेकर विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर का जमघट लगा था। इस शिक्षक सम्मेलन का संचालन नेशनल कन्वेनर जगदीश कुमार विज ने  किया।

रिपोर्ट- मो. आकिब अंसारी
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