सरकार को बदनाम करने का कुचक्र रच रहा एआरटीओ कार्यालय जिला प्रशासन के लिए चुनौती बन चुकी है एआरटीओ कार्यालय की धनवसूल


सरकार को बदनाम करने का कुचक्र रच रहा एआरटीओ कार्यालय जिला प्रशासन के लिए चुनौती बन चुकी है एआरटीओ कार्यालय की धनवसूल
आरआई लेवल से मजबूत हुआ 'दलालों का गिरोह'
शाहजहाँपुर:-भ्रष्टाचार के लिए कुख्यात शाहजहाँपुर के एआरटीओ कार्यालय में बरसों पहले लगाया गया भ्रष्टाचार का पौधा अब "वटवृक्ष" बन चुका है।
एआरटीओ कार्यालय में तैनात आरआई लेवल से दलालों का गिरोह दिन पर दिन विशालकाय होता जा रहा है। स्थिति यह है कि आमजन परिवहन संबंधी कोई भी कार्य सीधे नहीं करा पाता। एड़ी से चोटी तक का जोर लगा लेने के बाद आम आदमी को अंततः दलाल की शरण में जाना ही होता है। यहाँ बता दें कि मौजूदा सिस्टम ने दलालों की गिनती को बेहद बढ़ा दिया है। अधिकतर दलाल भूमिगत रहकर संचार माध्यमों से काम को अंजाम दे रहे हैं। गौर करने की बात है कि लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस पर हजारों की अवैध बसूली की जाती है और इसके उपरांत लाइसेंस रेग्युलर कराने पर फिर से "चढ़ावे" की वही प्रक्रिया अपनानी पड़ती है। सूत्रों की माने तो दिन भर वसूली करने के बाद शाम को सभी दलाल अपने "आका" की टेबल पर रकम को इकठ्ठा करते हैं, जिसका हिस्सा मुखिया की दहलीज तक पहुँचता है। पूर्व में प्रशासनिक स्तर से औचक छापेमारी भी की गयी लेकिन छापेमारी के बाद "रेट" बढ़ता ही चला गया। पूरे कार्यालय को एक नेता का वरदहस्त प्राप्त होने की जानकारी भी हाथ लगी है। गौर करने का विषय है कि जिलाधिकारी स्तर से एआरटीओ कार्यालय के किस्सों का संज्ञान न लिया जाना निश्चित रूप से उनकी निष्ठा पर संदेह प्रकट करता है। एआरटीओ कार्यालय में खुलेआम लहरा रहे दलालों के परचम पर विराम लगाने का माद्दा शायद अब स्थानीय प्रशासन या विजिलेंस के पास नही रहा!
रिपोर्ट:-डा सुनील जायसवाल