उत्तर प्रदेश अपराध की आग में जल रहा है अपराधी बेखौफ होकर प्रतिदिन अपराधों को अंजाम दे रहे हैं


पूरा प्रदेश अपराध की आग में जल रहा है अपराधी बेखौफ होकर प्रतिदिन अपराधों को अंजाम दे रहे हैं
वर्ष 2023 एनसीआरबी रिपोर्ट के आकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश महिलाओं के प्रति अपराधों के मामलों में पहले स्थान पर है। इसी रिपोर्ट के अनुसार पूरे भारत में होने वालों अपराधों में 15 प्रतिशत अपराध उत्तर प्रदेश में होते हैं। हालात कितने बदत्तर हो गये हैं इसकी सिर्फ दो बानगी देखिए।
एक प्रधानमंत्री जी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में जहां दिनांक 02 नवम्बर 2023 को आईआईटी बीएचयू की छात्रा का तीन लड़कों द्वारा जबरन गन प्वांइट पर उसकी नग्न अवस्था का वीडियो बनाया गया एवं दुष्कर्म किया गया।
दिनांक 03 नवम्बर को ही कांग्रेस अध्यक्ष श्री अजय राय जी ने बता दिया था कि इस घटना में भाजपा के लोगों का हाथ है। इस पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई। दिनांक 05 नवम्बर को सीसीटीवी फुटेज से लड़कों की पहचान कर ली गई। 08 नवम्बर को पीड़िता द्वारा भी उनकी पहचान कर ली गई। आरोपियों की पुष्टि होने के पश्चात भाजपा द्वारा उन्हें मध्य प्रदेश के चुनाव प्रचार में भेज दिया गया।
ऐसे में सवाल यह उठता है कि आरोपियो की पहचान होने के बाद भी उनको गिरफ्तार करने में दो महीने क्यों लगे? क्या 5 राज्यों में चुनाव के कारण भाजपा आरोपितों को बचा रही थी? अगर छात्रों और कांग्रेस अध्यक्ष का इतना दबाव न होता तो शायद आरोपित पकड़े भी नहीं जाते।
संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है, और दुर्भाग्य यह है की ये घटना भारत के प्रधानमंत्री
श्री नरेन्द्र मोदी जी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की है।
दूसरी घटना प्रदेश के मुख्यमंत्री जी के क्षेत्र गोरखपुर की है जहां विनोद उपाध्याय को सुल्तानपुर में पुलिस द्वारा कथित मुठभेड में मार दिया गया। ये बात आइने की तरह साफ है कि गोरखपुर के रहने वाले विनोद उपाध्याय, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पुराने विरोधी रहे हैं। योगी जी के मुख्यमंत्री बनने के बाद विनोद उपाध्याय पर शिकंजा बढ़ता गया और क्रमशः उन पर ईनाम की धनराशि भी मामले को गंभीर दिखाने के लिए बढ़ाई गई।
यह मुठभेड व्यक्तिगत कुंठा और राजनैतिक विद्वेष से प्रेरित है और योगी सरकार का एक जाति विशेष विरोधी चेहरे को उजागर करती है। कांग्रेस पार्टी इस घटना की न्यायिक जांच की मांग करती है।
रिपोर्ट- आश्वनी जायसवाल, वाराणसी