वाराणसी रामनगर में मृतकों के घर पहुंचे विधायक दी सांत्वना लोक निर्माण विभाग द्वारा की गई नापी 36 लोगों को मिला मुआवजा


वाराणसी रामनगर में मृतकों के घर पहुंचे विधायक दी सांत्वना लोक निर्माण विभाग द्वारा की गई नापी 36 लोगों को मिला मुआवजा
वाराणसीःपड़ाव रामनगर सड़क चौड़ीकरण मामले में बुधवार को दो की मौत होने के बाद उपजे विवाद व थाना में हुई पंचायत के बाद गुरुवार को पीडब्ल्यूडी के कर्मचारी ध्वस्तीकरण के बजाय नगर के साहित्यनाका में नापी किये।इस दौरान व्यापार मण्डल के अध्यक्ष राकेश जायसवाल सहित पीटीशर्न भी मौजूद रहे।पुलिस की मौजूदगी में की गई नापी के दौरान लोगों के मकान व भूमि का मूल्यांकन भी किया गया।व्यापार मण्डल के अध्यक्ष राकेश जायसवाल ने कहा कि कुछ ऐसे लोग है जिनका दो मंजिला मकान है लेकिन विभाग ने एक ही मंजिला का मुआवजा दिया है।हालांकि विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया गया तो उनके तरफ से आश्वासन दिया गया है कि सबको मानक के अनुरूप मुआवजा मिल जायेगा।एक तरफ लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों ने मुआवजे और क्षतिपूर्ति के लिए कुछ निर्माणों की नापी की तो वहीं कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने भी सर्किट हाउस में जिलाधिकारी एस राजलिंगम के साथ बैठक कर मुआवजे को लेकर उभरे गतिरोध की बाबत बैठक की।विधायक भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ मृतक राममूरत प्रजापति और रमेश सेठ के घर पहुँचे और परिजनों को सांत्वना दी। गुरुवार की पूर्वान्ह सर्किट हाउस में जिलाधिकारी एस. राजलिंगम,ए डी एम प्रशासन विपिन कुमार,विधायक सौरभ श्रीवास्तव और लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं के साथ मुआवजे को लेकर बैठक हुई। विधायक सौरभ ने बताया कि पड़ाव से टेंगरा मोड़ तक 415 लोगों को मुआवजा या क्षतिपूर्ति दिया जाना है। इनमें 48 लोग ऐसे हैं जिनकी भूमि है। भवनों के मूल्यांकन का दोगुना मुआवजा पाने वालों की संख्या 215 है। इसके अलावा 152 किरायेदार की श्रेणी में है जिन्हें मुआवजे के लिए भूमि स्वामी से एन ओ सी देनी पड़ेगी। अब तक 36 लोगों के खाते में मुआवजे की धनराशि भेजी जा चुकी है। इस बैठक में भाजपा नेता अशोक जायसवाल ,अभिषेक मिश्रा, संतोष द्विवेदी,जीतेन्द्र पाण्डेय, सृजन श्रीवास्तव,राजकुमार सिंह, अजय प्रताप सिंह और भी मौजूद थे। खास यह रहा कि मुआवजे को लेकर आंदोलन कर रहे व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल को इस बैठक में नही बुलाया गया। वहीं शाम को विधायक सौरभ श्रीवास्तव भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ मृतक राममूरत प्रजापति और रमेश सेठ के घर पहुँचे और अपनी संवेदना प्रकट की। हालांकि चौड़ीकरण प्रभावित लोगों के व्हाट्सएप ग्रुप में इसे लेकर तंज कसे जाते रहे।
*तो नही मिलेगा कुछ भी*
सड़क चौडीकरण के चपेट में आये 152 लोग ऐसे है जो किरायेदार है। बताया जा रहा है कि ये सभी रामनगर किले के किरायेदार हैं। मुआवजे की शर्तों के अनुसार इन्हें मुआवजा तभी मिलेगा जब रामनगर किला उन्हें अनापत्ति प्रमाण पत्र देगा। ऐसा होने की संभावना नही के बराबर है। ऐसे में यह लगभग तय है कि इन 152 लोगों के हाथ कुछ भी न लगेंगे।