•   Saturday, 05 Apr, 2025
Womens femininity and dignity destroyed in BJP government

भाजपा सरकार में महिलाओं के स्त्रीत्व और उनके सम्मान को खंडित किया

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  Varanasi ki aawaz

भाजपा सरकार में महिलाओं के स्त्रीत्व और उनके सम्मान को खंडित किया

भारतीय नारी के शौर्य, बुद्धि, त्याग और सम्मान की दुनिया लोहा मानती रही है । उसे किसी की दया या उपकार की जरूरत नहीं । भारतीय नारी के सम्मान और स्वाभिमान को दुनिया सलाम करती है । रही बात महिला आरक्षण की तो कांग्रेस ने हमेशा से महिलाओं को बराबरी का दर्जा देकर उनके सम्मान और स्वाभिमान की संवैधानिक लड़ाई को लड़ा । चाहे महिलाओं को मत देने का अधिकार हो या फिर महिलाओं को स्थानीय निकायों, पंचायतों में प्रतिनिधित्व देने की बात । कांग्रेस ने हमेशा से महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए हर स्तर पर पहल की । सन 1989 में स्व राजीव गांधी जी ने सर्व प्रथम महिलाओं को वोट देने तथा स्थानीय निकाय चुनावों और पंचायत चुनावों में उनकी हिस्सेदारी सुनिश्चित करने का साहसिक पहल किया । बाद में यू पी ए की सरकार में डॉ मनमोहन सिंह जी ने स्व राजीव जी के सपने को पूरा करने का प्रयास किया पर उस समय के विपक्षी दल जो आज सत्ता में बैठे हैं, ने कांग्रेस की इस पहल का विरोध कर महिला आरक्षण बिल को पास नहीं होने दिया । जबकि कांग्रेस ने एक जिम्मेदार विपक्ष की हैसियत से महिला आरक्षण बिल को बिना किसी अवरोध के कुछ महत्वपूर्ण संशोधनों के साथ पास होने में सरकार की मदद की । कांग्रेस की मांग है कि मोदी सरकार महिला आरक्षण बिल में जाति गत आधार पर महिलाओं की जन गणना कराकर इसे अविलंब लागू करे । मातृ शक्ति को अपनी राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल न करे । मैं पूछना चाहती हूं कि आखिर वह कौन सी वजह है कि जो महिला बिल पास करने के लिए सरकार संसद का विशेष सत्र बुलाती है पर बिल पास होने के बावजूद वह उसे सन 2029 में यानी दस साल बाद लागू करने की बात करती है । यानी सरकार की नियत में खोट है । सरकार इस बिल के द्वारा सिर्फ और सिर्फ 2024 के चुनावों में महिलाओं के वोट का लाभ लेने के लिए उसका राजनैतिक लाभ लेना चाहती है । यानी पंद्रह लाख, काला धन की तरह यह भी एक चुनावी जुमला है । विगत 2014 से लेकर 2022 तक में भारत में महिलाओं के साथ हुए अपराध के आंकड़े निकाल लीजिए सारा कुछ आपके सामने आ जायेगा । मोदी सरकार को महिलाओं के सम्मान और स्वाभिमान की कितनी चिंता है यह बात हम लोगों ने नई दिल्ली में जंतर मंतर पर धरना दे रही भारत के लिए पदक विजेता महिला पहलवानों के साथ हुए जघन्य अपराध होते देखा । क्या मोदी सरकार ने महिला पहलवानों के साथ न्याय किया ? क्या महिला पहलवानों के साथ अपराध करने वाले भाजपा सांसद के खिलाफ मोदी सरकार ने कोई कार्यवाही की ? 

                  उपरोक्त बातें आज मैदागिन स्थित पराड़कर भवन में आयोजित एक पत्रकारवार्ता में  महाराष्ट्र कांग्रेस कमेटी की कार्यवाहक अध्यक्ष एवं महाराष्ट्र विधानसभा की सदस्य तथा कांग्रेस वर्किंग कमेटी की सदस्य परिणीति शिंदे ने पत्रकारवार्ता के  दौरान पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा । परणीति शिंदे ने आगे कहा कि - कांग्रेस ने हमेशा से महिला सम्मान और स्वाभिमान की लड़ाई को पूरी निष्ठा से लड़ा। हमने महिला सम्मान को राजनीति से नहीं जोड़ा । क्योंकि महिला कोई वस्तु नहीं । 

                 इस अवसर पर जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश्वर सिंह पटेल, राघवेंद्र चौबे,प्रदेश प्रवक्ता सजीव सिंह,राहुल राजभर,गुलशन अंसारी,अनुराधा यादव,पूनम विश्वकर्मा, फ़साहत हुसैन बाबू,डॉ राजेश गुप्ता,उमेश दृवेदी,विकास कौण्डिल्य, अशोक सिंह,विनोद सिंह,मो उज्जैर,अब्दुल हमीद डोडे,रोहित दुबे,किशन यादव,विवेक यादव,विनीत चौबे,विकास पाण्डेय आशिष पटेल,राहुल सिंह,समेत कई लोग उपस्थित रहेआदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे ।

रिपोर्ट- आश्वनी जायसवाल, वाराणसी
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