•   Saturday, 05 Apr, 2025
Teachers forced to teach in hut under Ballia Yogi government

बलिया योगी सरकार में झोपड़ी में पढ़ाने को मजबूर हुए शिक्षक

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  Varanasi ki aawaz

बलिया योगी सरकार में झोपड़ी में पढ़ाने को मजबूर हुए शिक्षक

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार एक तरफ प्राइवेट विद्यालयों की तर्ज पर सरकारी विद्यालयों को सजाने और सवारने में लगी हैं और शिक्षा की गुणवत्ता को कैसे बेहतर बनाया जाय इसको लेकर हर सुविधा मुहैया करा रही हैं लेकिन बलिया में कुछ ही नजारा देखनर को मिला। जहाँ बलिया के मनियर ब्लॉक कर तहिरपुर प्राथमिक विद्यालय का हैं जहां तहिरपुर प्राथमिक विद्यालय की हालात बद से बत्तर हो गई हैं। योगी सरकार में प्राथमिक विद्यालय के जर्जर भवन में बच्चे पढ़ने को मजबूर हो रहे हैं। प्राथमिक विद्यालय कमरे का जर्जर भवन और भवन के अभाव में बच्चे जर्जर झोपड़ी में पढ़ने को मजबूर हैं प्राथमिक विद्यालय ताहिरपुर में दो कमरे में लगभग 32 छात्रों को बैठने के लिए सीट  है और विद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या 142 है जर्जर भवन में आंगनबाड़ी केन्द्र के मासूम बच्चे भी इसी विद्यालय के भवन में पढ़ाये जाते हैं।  ऐसी स्थिति में शिक्षक भी बच्चों को झोपड़ी में ही पढ़ाने को मजबूर है विद्यालय के दोनों कमरे भी जर्जर हो चुके हैं वह कब गिर जाए इसका अंदाजा नहीं है एक सीट पर 4 से 5 बच्चे बैठाये जा रहे हैं अध्यापकों का कहना है कि लगभग विद्यालय में 30 या 32 सीट है जिससे बच्चे को बैठाया नहीं जा सकता है इस अवस्था में हम लोग बच्चों को बाहर पढ़ा रहे हैं विद्यालय का भवन भी जर्जर हो चुका है और प्रतिदिन गिर रहा है अनहोनी की भी आशंका जता रही है और इसकी शिकायत हमने बीआरसी पर भी की है और ग्राम प्रधान को भी जानकारी दी है। वही विद्यालय में पढ़ने आ रहे छात्रों को भी डर लग रहा इस जर्जर विद्यालय की फर्श की बात की जाए तो विद्यालय के बरामदे में टाइल्स लगाया गया है सबसे बड़ा सवाल यह बनता है कि अगर जर्जर विद्यालय है  तो उसमें टाइल्स क्यों लगाई जा रही है जर्जर विद्यालय का रिपेयर क्यों नहीं कराया जा रहा है किसी अनहोनी का इंतजार क्यों कर रहा है विद्यालय प्रशासन।जरा गौर से सुनिए बेसिक शिक्षाधिकारी मनीराम सिंह की जुबानी - बेसिक शिक्षाधिकारी मनीराम सिंह ने कहा विद्यालय की जर्जर भवन हैं इसकी सूची तैयार की जा रही है कायाकल्प योजना के तहत विद्यालय को ठीक कराया जा सकता हैं।विभाग इसकी मानटिरिंग करा रहा हैं शिक्षा विभाग भी देखरेख कर रहा हैं।अब जरा सुनिए बेसिक शिक्षाधिकारी को की शिक्षकों को विद्यालय में पढ़ाने की बजाय अब अध्यापको को ग्राम प्रधानों से निवेदन करना पड़ता हैं कि हमारे विद्यालय को कायकल्प के माध्यम से विद्यालय को ठीक करा दीजिये।
बाइट - संजय कुमार यादव प्रधानाध्यापक तहिरपुर मनियर।
बाइट- मनीराम सिंह बेसिक शिक्षाधिकारी बलिया।

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