•   Saturday, 05 Apr, 2025
A gang involved in stealing and fraudulently withdrawing money from ATM accounts by changing the ATM

एटीएम कार्ड बदलकर चोरी कर धोखाधड़ी से एकाउन्ट से पैसे निकालने वाले गिरोह का पर्दाफाश थाना कैण्ट व एसओजी कमिश्नरेट वाराणसी की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा तीन अन्तर्राज्यीय अभियुक्त गिरफ्तार

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  Varanasi ki aawaz

एटीएम कार्ड बदलकर चोरी कर धोखाधड़ी से एकाउन्ट से पैसे निकालने वाले गिरोह का पर्दाफाश थाना कैण्ट व एसओजी कमिश्नरेट वाराणसी की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा तीन अन्तर्राज्यीय अभियुक्त गिरफ्तार

कब्जे से अलग-अलग बैंकों के कुल 13 ए०टी०एम० कार्ड व चोरी/धोखाधड़ी में इस्तेमाल किये जा रहे स्वाईप मशीन, 04 अदद मोबाईल, 01 अदद कार व 1110/- रू0 नकद बरामद।

श्रीमान पुलिस आयुक्त वाराणसी के चोरी लूट नकबजनी की घटनाओ के सफल अनावरण एवं वांछित फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु चलाये जा रहे अभियान के क्रम में, श्रीमान पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन के निर्देशन में, श्रीमान् अपर पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन के पर्यवेक्षण में एवं श्रीमान सहायक पुलिस आयुक्त कैंट के नेतृत्व में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य व मुखबिर की सहायता से थाना कैष्ट व एसओजी की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा मु0अ0सं0-025/24 धारा 379/420/411/413/414 भा0द0वि0 थाना केण्ट कमि० वाराणसी से संबंधित वांछित शातिर अभियुक्तगण ।. सुजीत कुमार पुत्र मिथलेश सिंह निवासी बाना खिजरसराय जनपद गया (बिहार), 2. गुलशन कुमार पुत्र टुनटुन सिंह ग्राम रोसना पोस्ट फतेहपुर रोसाना जनपद गया फतेहपुर (बिहार), 3. अभिषेक कुमार पुत्र सुभाष सिंह ग्राम मतासो पोस्ट एकमला थाना फतेहपुर जनपद गया (बिहार) को दिनांक-07.05.2024 को समय करीब 17.20 बजे सनबीम वरूणा स्कूल से पहले गिरफ्तार किया गया। अभियुक्तगण के कब्जे से कुल चोरी/धोखाधड़ी के कुल 13 अदद अलग-अलग बैंकों के एटीएम) कार्ड, 04 अदद फेवीक्विक, एक अदद फोन-पे बिजनेस ए०टी०एम० स्वाईप मशीन, पटना में प्रयुक्त 04 अदद मोबाईल फोन व एक अदद चार पहिया वाहन तथा अलग-अलग घटनाओं से प्राप्त रूपयों में से खर्च के बाद बचे शेष 1110/- रूपये नकद बरामद हुए। उक्त गिरफ्तारी/बरादमगी के सम्बन्ध में थाना कैष्ट पुलिस द्वारा आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है।

उक्त सराहनीय कार्य करने वाली पुलिस टीम को श्रीमान् अपर पुलिस उपायुक्त, वरुणा जोन महोदय द्वारा 20000/- रु० पुरस्कार की घोषणा की गयी।

अपराध का तरीका- अभियुक्तगण का ए०टी०एम० धोखाधड़ी का एक गिरोह है जो मिलकर दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड, हरियाणा आदि राज्यों में विभिन्न शहरों में रेनॉल्ट ट्यूबर चार पहिया गाड़ी से बैंकों की ए०टी०एम० मशीनों पर साथ मिलकर पटना कारित करते हैं। एक व्यक्ति फाटी०एम० के बाहर खड़ा रहता है तथा दो व्यक्ति शु०टी०एम० के अन्दर रहते हैं, समयानुसार अगर कोई ग्राहक १०टी०एम० के बारे में कम जानकारी रहती

है तो उसको अभियुक्तगण सहयोग का बहाना बनाकर धोखाधड़ी से ए०टी०एम० कार्ड बदल लेते हैं। जब ये लोग ए०टी०एम० कार्ड बदलकर धोखाधड़ी नहीं कर पाते हैं तो सभी लोग किसी ग्राहक के पैसे निकालने से पहले इन लोगों में से कोई न कोई उसके आगे खड़ा रहता है तथा ग्राहक को बातों में उलझाकर ए०टी०एम० मशीन में कार्ड

लगाने वाले स्थान पर कार्ड की मदद से फेवी क्विक लगा देता है, जब ग्राहक ए०टी०एम० मशीन में अपना कार्ड लगाता है और सारी प्रक्रिया पूरी करता है तो पीछे खड़े अभियुक्त द्वारा पिन देख लिया जाता है उसके बाद आगे वाले व्यक्ति को परेशान करने की नीयत से कि हमें भी पैसा निकालना है, जल्दी करो जल्दी करो, ऐसी ही बातों मे उलझाकर जल्दी ए०टी०एम) कार्ड निकालने की बात बोला जाता है जिससे वह ग्राहक ए०टी०एम० कार्ड निकालने का प्रयास करता है किन्तु फेवी क्विक लगा होने के कारण ए०टी०एम० कार्ड नहीं निकलता है तो सभी लोग गार्ड को बुलाने के लिए उस ग्राहक को ए०टी०एम० से बाहर भेज देते हैं तभी मौका देखकर उस ए०टी०एम० मशीन में फंसे ए०टी०एम० कार्ड को पिलास की मदद से खींचकर बाहर निकाल लेते हैं और फिर उस ए०टी०एम० कार्ड को लेकर तुरन्त हट कर किसी दूसरी एल्टी०एम० मशीन से उक्त कार्ड का प्रयोग कर पैसा निकाल लेते हैं और आपस में बांट लेते हैं तथा उसके बाद अभियुक्तगण अपने पास रखी फोन पे मशीन से स्वाईप करके अधिकतम पैसे खाते में ट्रांसफर कर लेते हैं।

अभियुक्तगण पूछने पर बताये कि हम सभी लोग साथ मिलकर विगत 03 वर्षों से अलग-2 राज्यों में उक्त ए०टी०एम० काडों की धोखाधड़ी करते हुए ऐशो-आराम की जिन्दगी जीते हुए जीवन यापन कर रहे हैं इसी क्रम में हम सभी लोग ट्यूबर कार से बनारस आये थे कि यहाँ भी लोगों से धोखाधड़ी कर फाटी०एम० बदलकर रुपयों की चोरी कर लें कि आप लोगों द्वारा पकड़ लिया गया। बरामदशुदा पैसो के बारे में पूछने पर बता रहे हैं कि अभी तक भिन्न-2 शहरों में की गयी घटना में हम सभी लोगों ने जो पैसा धोखाधड़ी करके चुराया था उसका बराबर-2 हिस्सा सभी को मिला था उसमें से हम लोग मौज-मस्ती की जिन्दगी जीने तथा खाने-पीने में खर्च करने के बाद जो बचा हुआ है यही शेष बचा है। बनारस में हम लोगों ने जनवरी में कचहरी के पास एसबीआई बैंक के बाहर लगे ए०टी०एम० से भी इसी तरह ए०टी०एम० पर फेवी क्विक लगाकर ए०टी०एम० चुराकर रुपयों की चोरी किये हैं। हम लोग तीन दिन पहले भी भोजूबीर चौराहे के पास से एक्सिस बैंक के फाटी०एम० से एक लड़की से धोखे से ए०टी०एम० मशीन के अन्दर फैवी क्विक से ए०टी०एम० चिपका कर प्राप्त कर लिये और ए०टी०एम) का पिन देखकर दूसरे ए०टी०एम० से 23500/- रूपये निकाल लिए और आपस में बाँट कर खाने-पीने और मौज-मस्ती में खर्च कर दिए।

गिरफ्तार अभियुक्तगण का विवरण-

1. सुजीत कुमार पुत्र मिथलेश सिंह निवासी बाना खिजरसराय जनपद गया (बिहार) उम्र करीब 42 वर्ष। 2. गुलशन कुमार पुत्र टुनटुन सिंह ग्राम रोसना पोस्ट फतेहपुर रोसाना जनपद गया फतेहपुर (बिहार) उम्र करीब 24 वर्षी

3. अभिषेक कुमार पुत्र सुभाष सिंह ग्राम मतासो पोस्ट एकमला थाना फतेहपुर जनपद गया (बिहार) उम्र करीब 25 वर्षी

आपराधिक इतिहास (उपरोक्त अभियोग के अतिरिक्त)-

मु0अ0सं0-0436/2022 धारा 417, 420 भा.द.वि. व 66D आई.टी. एक्ट थाना सिगरा कमि) वाराणसी

बनाम गुलशन कुमार

गिरफ्तारी का स्थान, दिनांक व समय- सनचीम वरुणा स्कूल से पहले थाना शिवपुर, दिनांक-07.05.24

बरामदगी का विवरण-

समय करीब 17.20 बजे।

1. चोरी धोखाधड़ी के कुल 13 अदद अलग-अलग बैंकों के ए१०टी०एम० कार्ड

2. 04 अदद फेवीक्विक

3. एक अदद फोन पे बिजनेस ए०टी०एम० स्वाईप मशीन

4. घटना में प्रयुक्त 04 अदद मोबाईल फोन व एक अदद चार पहिया वाहन 5. अलग-अलग घटनाओं से प्राप्त रूपयों में से खर्च के बाद बचे शेष 1110/- रुपये

गिरफ्तारी बरामदगी करने वाली पुलिस टीम का विवरण-

थाना केण्ट पुलिस टीम

1. प्र०नि० अजय राज वर्मा 2. उ0नि0 आशीष श्रीवास्तव

4. हे0का0 बज बिहारी ओझा

3. उ0नि0 आयुष पाण्डेय

एस० ओल्जी० पुलिस टीम

1. उ0नि0 मनीष कुमार मिश्रा (प्रभारी एसओजी)

2. उ0नि0 गौरव कुमार सिंह

3. का अंकित मिश्रा

4. का0 आलोक मौर्या 5. का० प्रेमशंकर पटेल

6. का० मनीष कुमार बघेल

7. हे०कावा० उमेश सिंह

सोशल मीडिया सेल पुलिस उपायुक्त

वरुणा जोन, कमिश्ररेट वाराणसी

रिपोर्ट- आश्वनी जायसवाल, वाराणसी
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