•   Saturday, 05 Apr, 2025
Ballia Yogi government s drinking water scheme completely closed 47 tanks out of 110 tanks

बलिया योगी सरकार की पेयजल योजना पूरी तरह से फ्लॉफ 110 टंकियों में 47 टंकियाँ बन्द

Generic placeholder image
  Varanasi ki aawaz

बलिया योगी सरकार की पेयजल योजना पूरी तरह से फ्लॉफ 110 टंकियों में 47 टंकियाँ बन्द

उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल योजना चलाई जाय जिसको लेकर सरकार पेयजल को लेकर तमाम योजनाएं चला रही हैं लेकिन बलिया में कुछ ऐसा नज़ारा देखने को मिला। कि जहाँ वर्षो से करोंडो रुपये की लागत से बनी पानी टंकिया आज भी बंद पड़ी हुई हैं।पूरे बलिया में 110 पानी टंकियां बनाई गई हैं। जिसमे अभीतक 47 पानी टंकियां बन्द बताइए जा रही हैं। लेकिन सच तो यह है कि ग्रामीण क्षेत्रो की समस्त टंकियां बन्द पड़ी हुई हैं।वही ग्राम प्रधानों का कहना है कि इसके लिए ग्रामपंचायत में कोई फंड नही आता हैं।हालांकि जल निगम के अधिकारी का कहना है कि हमने 110 पानी टंकी को ग्राम पंचायतों को हैण्डओवर कर दिया गया हैं।इसकी देखरेख ग्राम पंचायत की हैं।वही डीपीआरओ बलिया का कहना हैं कि 106 हैण्डओवर हुई हैं जिसमे 47 बन्द चल रहे हैं। जो बंद उसे उन्होंने लिखकर भेज हैं कि अनुरक्षणाधिन हैं और उसे चलाने की जिम्मेदारी उन्ही की हैं।जो ग्राम पंचायतों को हैण्डओवर की गई है वह उसे ग्राम पंचायत चला रही हैं।अब सच्चाई तो यह हैं कि बलिया में 954 ग्राम पंचायतें हैं जिसमे अबतक 110 टंकियां बनाई गई हैं लेकिन सच तो यह है कि पूरी टंकियां बन्द हैं ।
वीओ - बलिया के मनियर ब्लॉक में स्वच्छ पेय जल को लेकर पानी टंकियों का निर्माण कराया गया हैं।जहां काजीपुरा में बना यह पानी टंकी आज शो पीस बनकर रह गई हैं।कई वर्षों से बना यह पानी टंकी जब से बनी तबसे अबतक चालू नही हुई। सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल को लेकर तमाम योजना चला रही है कि ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल मिले।जिससे ग्रामीणों की स्वास्थ्य और ठीक हो।लेकिन ग्रामीण क्षेत्रो की पानी टंकियां जब से बनी हैं तब से यह चालू नही हुई हैं। कुछ टंकियां चालू भी हुई तो कुछ महीने चलकर बंद हो गई।इसके मेंटिनेंस के लिए अधिकारी से लेकर ग्राम प्रधान भी टंकियों पर ध्यान नही दे रहे हैं जिससे टंकियों की हालत बद से बत्तर हो गई हैं।इन टंकियों में कही बिजली का तार फाल्ट हैं तो कही बोरिंग की समस्या। तो कहि मोटर की समस्या , एक तरफ जल निगम के अधिकारी कह रहे हैं हमने तो डीपीआरओ को हैण्डओवर कर दिया हैं जिसका संचालन ग्राम प्रधान करेंगे। लेकिन सच तो यह ही कि ग्राम प्रधानों के पास इन टंकियों के चलाने के लिए कोई फंड नही आता हैं। जिससे ग्राम प्रधानों टंकियों को चालू कराने में कोई इंट्रेस्ट नही है । अगर ग्राम पंचायतों में इसके लिए फंड होता तो ग्राम प्रधान इसका संचालन कराते।
वीओ - काजीपुर के ग्राम प्रधान अखिलेश गुप्ता में कहा कि इस पानी टंकी के बने हुए छः वर्ष हो गये लेकिन अभी तक चालू अवस्था मे नही हैं इसके लिए कोई निधि नही आता अगर आता तो काम हो जाता।कथनी और करनी में अंतर हैं सरकार अलग से पैसा भेजवाती तो काम हो जाता।इसका पैसा कौन देगा फंड के अभाव में बंद है। और इसमें विभाग की लापरवाही कही जाएगी।
बाइट- अखिलेश गुप्ता गें प्रधान काजीपुर।

वीओ - विक्रमपुर पच्छिम ग्राम प्रधान अशोक पाठक ने कहा कि 2017 में बनी यह पानी टंकी लगभग एक माह तक चली है उसके बाद पानी टंकी बन्द हो गई।उसके बाद यह चालू नही हुई उसपर कोई व्यवस्था हो और कर्मचारी नियुक्त हो मैं साल भर से प्रधान हूँ और हमे इस तरह की कोई सूचना नही हैं 2017 से यह पेयजल योजना फ्लॉप चल रहे हैं।

बाइट - अशोक पाठक ग्रामप्रधान विक्रमपुर पश्चिम।

वीओ - वही जल निगम के अधिकारी का कहना है कि जिला पंचायत राज अधिकारी को हमने 110 पानी की टंकियां हैण्डओवर की हैं शासनादेश है कि हैण्डओवर के बाद सारी जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की हैं अभी 51 और टंकियां हैण्डओवर करनी हैं। जो हमारे जल निगम के द्वारा मेंटेन की जा रही हैं उसमे से 12 योजनाए बन्द हैं जिसमे से मैक्सिमम योजनाए अपना कार्यकाल पूर्ण कर चुकी हैं जो चली ही नही हैं उसे जल्दी ही रिसोर में जल्द ही रिआर्गनाइजेशन के तहत लिया गया है जल्द ही उसका टेंडर कर दिया गया हैं।टेंडर के बाद कार्यवाही की जायेगी।
बाइट - एक्सईएन जलनिगम बलिया।

वीओ - यतेन्द्र सिंह जिला  पंचायतराज अधिकारी ने कहा कि कुल 106 पानी टंकियां हैण्डओवर हुई हैं जिसमे 47 टंकियां बन्द पड़ी हैं जो टंकियां बन्द उसे लिखकर भेजा है कि अनुक्षणाधिन टंकियां हैं जो टंकिया अनुक्षणाधिन उसे चलाने की जिम्मेदारी जल निगम की हैं योजना तो सरकार चला रही हैं सफलता के लिए चला रहे हैं जो हैण्डओवर हैं उसे ग्राम पंचायतें चला रही हैं ।जल निगम की जिम्मेदारी हैं उसे संचालन कराएं जो टंकियां बन्द पड़ी हैं उसकी जिम्मेदारी जल निगम की है कि उसे ठीक कराए। साहब यह जिला पंचायत राज अधिकारी हैं कितनी बखूबी से कहा रहे हैं कि जल निगम ही मेंटेनेंस करेंगी।लेकिन साहब को शासनादेश की जानकारी नही है कि 2017 में सरकार ने जल निगम से टंकियों को ग्राम पंचायतों को हैण्डओवर करने का फरमान हरि कर दिया था। और यह कहा कि जो पानी की टंकियाँ है उसे मेंटिनेंस की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों की होगी।लेकिन ऐसा नही है सरकार की जल योजना पूरी तरह से फ्लॉप हैं। ऐसे में अब देखना होओगे की योगी सरकार ऐसे बेलरवाह कर्मचारियों पर कार्यवाही करेंगी या ऐसे ही सरकारी योजना को अधिकारी पलीता लगाते रहेंगे।
बाइट- यतेन्द्र सिंह जिला पंचायत राज अधिकारी बलिया।

रिपोर्ट-सजंय तिवारी. बलिया
Comment As:

Comment (0)