•   Saturday, 05 Apr, 2025
Discussion meeting held in DRI regarding the preparations for Chitrakoot Yoga Camp Yoga will be prac

चित्रकूट योग शिविर की तैयारियों को लेकर डीआरआई में हुई विमर्श बैठक आजादी के अमृत महोत्सव पर चित्रकूट क्षेत्र के 75 स्थानों पर होगा योगाभ्यास

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  Varanasi ki aawaz

चित्रकूट योग शिविर की तैयारियों को लेकर डीआरआई में हुई विमर्श बैठक आजादी के अमृत महोत्सव पर चित्रकूट क्षेत्र के 75 स्थानों पर होगा योगाभ्यास

चित्रकूट:;स्वामी विवेकानंद जी के विचार थे कि भारत को तभी नए सिरे से मजबूत किया जा सकता है, जब व्यक्तित्व निर्माण में योग को नियमित रूप से जोड़ा जाए। योग के माध्यम से एक व्यक्ति को समाज से जोड़ने की परिकल्पना को साकार किया जा सकता है। योग एक आध्यात्मिक प्रक्रिया है। जिसमें शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा को एक साथ लाने का काम होता है।

विगत 8 वर्षों से 21 जून को पूरा विश्व योग दिवस के रूप में मना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के अथक प्रयासों से योग को विश्व मंच पर पहुंचाने का कार्य हुआ है। इस दृष्टि से दीनदयाल शोध संस्थान के सहयोग से चित्रकूट के सभी मठ-मंदिरों, शैक्षिक एवं सामाजिक संस्थाओं के कार्यकर्ता एक साथ सामूहिक रूप से मिलकर 21 जून को योग क्रियाऐं करते हैं। उसके पूर्व नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों के कई केंद्रों पर योग का अभ्यास किया जाता है। हर वर्ष सभी संस्थाओं के सामूहिक विचार-विमर्श से अलग-अलग स्थानों पर योग क्रिया की जाती रही हैं।

चित्रकूट नगर की सभी प्रमुख संस्थाओं और मठ मंदिरों के प्रमुख कार्यकर्ताओं के साथ सामाजिक कार्यकर्ताओं की बैठक बुधवार को उद्यमिताा विद्यापीठ के डॉ. राम मनोहर लोहिया सभागार में संपन्न हुई। 

बैठक में कामदगिरि प्रमुख द्वार से महंत मदन गोपाल दास जी महाराज, दिगंबर अखाड़ा के महंत दिव्य जीवन दास जी महाराज, रामायण कुटी से महंत राम हृदय दास जी महाराज, एवं महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय से कुलपति प्रोफेसर भरत मिश्रा, जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ योगेश चंद्र दुबे, दीनदयाल शोध संस्थान के संगठन सचिव अभय महाजन, सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट जानकीकुंड से डॉ. ऋषि वोहरा, नयागांव थाना प्रभारी सुधांशु तिवारी सहित चित्रकूट के गणमान्य नागरिक व सामाजिक कार्यकर्ता प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

इस अवसर पर दीनदयाल शोध संस्थान के संगठन सचिव अभय महाजन ने कहा कि राष्ट्रऋषि भारत रत्न नानाजी देशमुख आजीवन स्वास्थ्य की दिशा में योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा पर विशेष जोर देते थे। उनका मानना था कि योग वह किया है, जिसे अपनाकर व्यक्ति जीवन भर निरोगी रह सकता है। इसी दृष्टि से नानाजी ने आरोग्यधाम में अलग से योग प्रकल्प तैयार किया है, और उसी क्रम में योगाभ्यास का यह आयोजन ज्यादा से ज्यादा स्थानों पर हो सके, इसके लिए सभी के सार्थक प्रयास इस दिशा में अपेक्षित हैं।

महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर भरत मिश्रा ने कहा कि योग हमारे अच्छे स्वास्थ्य का प्रमुख घटक है इसलिए यह हमारी नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनना ही चाहिए।

जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ योगेश चंद्र दुबे ने कहा कि योग वर्षभर चलने वाली गतिविधि है। योग की क्रियाएं आजीवन स्वास्थ्य संवर्धन की दिशा में नियमित चलना चाहिए।

योग शिविरों की जानकारी देते हुए दीनदयाल शोध संस्थान के कार्यकर्ता एवं गुरुकुल संकुल के प्रभारी संतोष मिश्र ने बताया कि पिछले वर्ष चित्रकूट नगर में 51 केंद्रों पर योग शिविर लगाए गए थे, इस वर्ष पूरा देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है इसीलिए स्वतंत्रता की 75 वीं वर्षगांठ पर चित्रकूट क्षेत्र के 75 स्थानों पर योग शिविर लगाने की योजना बनी है। इसके लिए 10 जून से 12 जून तक आरोग्यधाम के योग सदन में तीन दिवसीय योग शिविर लगाया जाएगा, जिसमें 75 स्थानों के लिए योग क्रिया कराने हेतु प्रशिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। नगर के अलग-अलग स्थानों पर शिविर के लिए प्रशिक्षकों के चयन की प्रक्रिया चल रही है। 

फिर 13 जू न से 21 जून तक यह शिविर नगर एवं गांव के विभिन्न चयनित स्थानों पर आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा दीनदयाल शोध संस्थान के स्वाबलंबन केंद्रों पर भी योग शिविर लगाए जाएंगे।

रिपोर्ट-विजय त्रिवेदी.. चित्रकूट
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