In Patna fearless criminals are constantly challenging the police robbing six lakh rupees of a pistol at Rajendra Nagar police after committing the crime the bike riders escaped


पटना में बेखौफ अपराधी लगातार पुलिस को चुनौती दे रही हैं राजेन्द्र नगर पुलिस पर पिस्टल सटा कर छह लाख रुपये लूट लिए वारदात को अंजाम देने के बाद बाइक सवार अपराधी फरार हो गए
पटना बेखाफ अपराधियों ने कदमकुआं थाना क्षेत्र में राजेंद्र नगर ओवरब्रिज पर मंगलवार को दिनदहाड़े ट्रांसपोर्ट के कारोबारी पर पिस्टल तान छह लाख रूपये और उनकी बाइक लूटकर फरार हो गए। वारदात को दो बाइक पर सवार चार अपराधियों ने अंजाम दिया।
इनमें दो अपराधी अपाचे बाइक पर सवार थे, दो अन्य बाइक से थे। वारदात की सूचना मिलते ही कदमकुआं थाने की पुलिस और टाउन डीएसपी अशोक कुमार सिंह मौके पर पहुंच गए। पुलिस छिनतई की बात कह रही थी, लेकिन पीड़ित मनोज कुमार ने हथियार का भय दिखा कर नकदी लूटने का दावा किया। बहरहाल, सिटी एसपी ने बताया कि जांच चल रही है। आरोपितों की पहचान कर गिरफ्तारी सुनिश्चित कराई जाएगी।
भांजे के साथ बैंक गए थे मनोज खेमनीचक निवासी मनोज की सत्यम एक्सप्रेस नामक ट्रांसपोर्ट कंपनी है। मंगलवार दोपहर वे बाइक से राजेंद्र नगर एचडीएफसी बैंक पहुंचे। वहां इनके भांजे भी आए। उन्होंने सात लाख नकदी की निकासी की। बैंक परिसर में ही उन्होंने एक लाख रुपए भांजे को दे दिए, फिर बाकी कैश को अपनी बाइक की डिक्की में रखकर घर लौट रहे थे।
मनोज के मुताबिक, वैशाली गोलंबर से आगे बढ़कर जैसे ही वे राजेंद्र नगर ओवरब्रिज पर पहुंचे कि दो बाइक से रहे चार बदमाशों ने उन्हें घेर कर रोक लिया। वे विरोध करने की कोशिश करते लेकिन, एक अपराधी ने उन्हें हथियार दिखाया। फिर डिक्की से जबरन रूपये निकलने लगा। मनोज हथियार देखकर सहम गए और अपनी काले रंग की बाइक उतर गए। अपराधी बाइक सहित कैश लूटकर फरार हो गए। पीड़ित इन रुपयों से पेट्रोल पंप का उधार चुकाने वाले थे। बाकी रकम व्यवसाय पर खर्च होता।
कोढ़ा गैंग पर संदेह, हाथ नहीं लगे अपराधी मौके पर पहुंची पुलिस ने इलाके की नाकाबंदी कर वाहनों की जांच में जुट गई। देर शाम तक अपराधियों का कोई सुराग हाथ नहीं मिला। घटनास्थल के पास सीसी कैमरे नहीं हैं। पुलिस बैंक का सीसीटीवी फुटेज निकलकर ले गई है। घटना दिन के करीब 12:20 की बताई जा रही है। बैंक के आसपास का डंप डाटा भी निकाला जा रहा है। प्रारंभिक जांच में कोढ़ा गिरोह के सदस्यों की कारिस्तानी बताई जा रही थी। अब पुलिस मान रही है कि लाइनर के जरिए लुटेरों को सुराग हाथ लगा होगा।
