आगरा कंगना रनौत के खिलाफ वाद में कोर्ट में शिकायतकर्ता के बयान दर्ज महात्मा गांधी महापुरुषों पर की थी अभद्र टिप्पणी


आगरा कंगना रनौत के खिलाफ वाद में कोर्ट में शिकायतकर्ता के बयान दर्ज महात्मा गांधी महापुरुषों पर की थी अभद्र टिप्पणी
आगरा। भाजपा सांसद एवं फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत द्वारा देश के द्वारा किसानों को बलात्कारी हत्यारा अलगाववादी उग्रवादी बताने पर स्पेशल कोर्ट एमपी एमएलए माननीय अनुज कुमार सिंह की कोर्ट में दायर वाद में गुरुवार को शिकायतकर्ता अधिवक्ता राजीव गांधी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रमाशंकर शर्मा के बयान दर्ज किए गए
बयान में उन्होंने कहा कि मोदी सरकार द्वारा सन 2020 में किसानो के विरोध में कुछ काले कानून बनाए थे। जिनके विरोध में देश के लाखों किसानों ने अगस्त 2020 से लेकर दिसंबर 2021 तक करीब 15 महीने तक दिल्ली बॉर्डर पर धरना प्रदर्शन किया था। जिनके विरुद्ध कंगना रनौत ने कहा कि धरने पर बैठे किसानों ने हत्याएं की, बलात्कार किया। अगर उस वक्त देश का नेतृत्व मजबूत नहीं होता तो बांग्लादेश जैसे हालात देश में पैदा हो जाते। उन्होंने सन 21 में भी महात्मा गांधी के अहिंसात्मक सिद्धांत का अपमान करते हुए कहा था कि गाल पर चांटा खाने से भीख मिलती है आजादी नहीं । सन 1947 में जो आजादी मिली थी वह महात्मा गांधी को भीख के कटोरे में मिली थी। असली आजादी तो सन 2014 में मिली है जब से केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार सत्ता में आई है।
वादी ने अपने बयान में कोर्ट में कहा क्योंकि मामला देश के करोड़ों किसानों संबंधित है और स्वयं अधिवक्ता भी किसान के बेटे हैं और उन्होंने खेती भी की है । यह उनका ही नहीं देश के किसानों का भी अपमान है जिसे वह बर्दाश्त नहीं कर सकते ।
राष्ट्रपिता का अपमान कर और आजादी को भीख में मिली बता कर कंगना ने स्वंत्रता आंदोलन में हजारों देशभक्त शहीदों लाखों स्वतंत्रता संग्राम सेनानियो का अपमान किया है और पूरे देश की जनता का अपमान किया है ।
कोर्ट से उन्होंने कंगना को तलब कर दंडित करने की भी मांग की ।
कोर्ट ने शिकायतकर्ता का बयान दर्ज करने के बाद 17 अक्टूबर 2024 की तिथि गवाहों के बयान के लिए नियत कर दी है।