•   Saturday, 05 Apr, 2025
Bangladesh team won the match in Mahamuqala and Indian team won the heart

महामुकाबला में बांग्लादेश की टीम ने मैच तथा भारतीय टीम ने जीता दिल

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  Varanasi ki aawaz

महामुकाबला में बांग्लादेश की टीम ने मैच तथा भारतीय टीम ने जीता दिल

ऑल इंडिया दिव्यांग क्रिकेट एसोसिएशन व दिव्यांग क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ऑफ इंडिया के सौजन्य से वाराणसी में बीएचयू के आईआईटी मैदान में प्रधानमंत्री और वाराणसी के सांसद श्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस के अवसर पर आयोजित सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत 24 सितंबर को भारत- बांग्लादेश के बीच देश का पहले एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग क्रिकेट मैच का शुभारंभ श्री सुनील ओझा सहप्रभारी भाजपा उत्तर प्रदेश व अंतरराष्ट्रीय एथलीट पैरा ओलंपिक भारत की अध्यक्ष, अर्जुन अवार्ड एवं मेजर ध्यान चंद पुरस्कार प्राप्त पद्मश्री दीपा मलिक जी ने दीप प्रज्वलित कर किया। श्री सुनील ओझा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे प्रधानमंत्री जी हमेशा कहा करते हैं कि प्रत्येक दिव्यांग में विशिष्ट क्षमता होती है बस उन्हें अवसर प्रदान करने की आवश्यकता है। यह अंतरराष्ट्रीय मैच दिव्यांगजनों के लिए एक बेहतर अवसर है। इस अवसर पर दीपा मलिक ने कहा कि काशी की धरती पर आयोजित यह अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग क्रिकेट मैच प्रधानमंत्री जी के दिव्यांगों के प्रति उत्कृष्ट सोच का परिणाम है जिसे ऑल इंडिया दिव्यांग क्रिकेट एसोसिएशन की टीम ने मैदान पर उतारा। श्री अशोक चौरसिया महामंत्री भाजपा काशी क्षेत्र ने कहा कि काशी सदस्य दिव्यांगजनों के कल्याण हेतु उदाहरण प्रस्तुत करते आ रहा है जिससे हमारे प्रधानमंत्री जी ने शक्ति व गति प्रदान कर दी है।


भारत के कप्तान सुब्रो जाडर व बांग्लादेश के कप्तान फैजल खान सुमित के बीच टास हुआ जिसमें बांग्लादेश के कप्तान ने टास जीतकर पहले बॉलिंग करने का चुनाव किया। भारत की तरफ से सचिन शिवा एवं लव वर्मा ने बैटिंग की शुरुआत किया। भारतीय टीम ने सधी हुई शुरुआत करते हुए प्रारंभ के 10 ओवर की समाप्ति पर 1 विकेट पर 39 रन बना लिया था, भारत का पहला विकेट 30 रन के स्कोर पर लव वर्मा के रूप में गिरा जिन्होंने 22 गेंद खेल कर 12 रन का योगदान दिया। आउटफील्ड गीला होने के कारण भारतीय बल्लेबाजों को बाउंड्री लगाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही थी। भारत की ओर से गुलामदीन ने सबसे अधिक 28 रनों का योगदान दिया उन्होंने 30 गेंद खेलकर एक छक्के एवं एक चौके की मदद से पूरा किया। सचिन शिवा ने 44 गेंद खेलकर 26 रनों का योगदान किया। भारत की टीम ने 25 ओवरों में 5 विकेट खोकर 117 रन बनाए। बांग्लादेश की ओर से बोलिंग करते हुए तीर्थों ने 14 रन खर्च करके 3 विकेट लिया जबकि हृदय ने 27 रन खर्च करके 2 विकेट लिया।


जवाब में खेलते हुए बांग्लादेश सुमित खान एवं जुबेल ने बैटिंग की शुरुआत किया सुमित खान ने 41 बॉल खेल करके 25 रन का योगदान देकर रिटायर्ड हर्ट हुए जबकि जुबेल ने 9 गेंदे खेलकर 3 रनों का योगदान दिया। बांग्लादेश की ओर से शरीफ ने 19 गेंद खेल कर 19 रन का योगदान दिया। बांग्लादेश में 3 विकेट खोकर 20 ओवर 4 गेंदें खेलकर मैच को जीत लिया तीर्थों ने 37 रनों का स्कोर 1 चौके की मदद से पूरा किया ह्रदय ने 23 रनों का योगदान 13 बाल खेलकर 1 छक्के और 1 चौके की मदद से पूरा किया। भारत की ओर से श्री प्रकाश ने 5 ओवर में 20 रन खर्च कर 1 विकेट लिया, लव वर्मा ने 5 ओवर में 14 रन खर्च करके 1 विकेट लिया जबकि दिवाकर ने 4 ओवर 4 बॉल में 32 रन खर्च करके एक विकेट लिया। मैच का विजेता ट्रॉफी बांग्लादेश दिव्यांग क्रिकेट टीम के कप्तान सुमित खान ने ग्रहण किया, जबकि उप विजेता की ट्राफी भारतीय दिव्यांग क्रिकेट के कप्तान सुप्रो जाडर ने ग्रहण किया। मैन आफ द मैच बांग्लादेश के तीर्थो, बेस्ट बॉलर का पुरस्कार बांग्लादेश के तीर्थो को प्रदान किया गया जबकि बेस्ट फील्डर का पुरस्कार बांग्लादेश के हृदय को प्रदान किया गया। भारत एवं बांग्लादेश के दिव्यांग टीम के सभी सदस्यों को स्मृति चिन्ह प्रदान करके सम्मानित किया गया।  सौ दर्शकों को भी टी-शर्ट एवं कब प्रदान किया गया ।
पूरे मैच के दौरान बीएचयू का आईआईटी मैदान बीएचयू दर्शकों से खचाखच भरा हुआ था और दर्शक चौके छक्के लगने पर तथा दिव्यांग खिलाड़ियों द्वारा बेहतरीन ढंग से कैच पकड़ने पर तालियों की गड़गड़ाहट एवं सिटी बजाकर उनका उत्साहवर्धन कर रहे थे। खिलाड़ी पिच पर रनों के लिए इस तरह से दौड़ रहे थे कि लोग आश्चर्यचकित रह गए।

ऑल इंडिया दिव्यांग क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. उत्तम ओझा ने कहा कि आने वाले समय में दिव्यांगजनों के लिए भारतवर्ष में अनेक क्रिकेट मैचों के आयोजन की योजनाएं है। ऑल इंडिया दिव्यांग क्रिकेट एसोसिएशन के महासचिव डॉ संजय चौरसिया ने कहा कि आने वाले समय में दिव्यांगजनों व सामानयजनों से मिलाकर टीम बनाकर मैच कराए जाएंगे ताकि समावेशन का संप्रत्यय पूरा हो सके।

समापन समारोह के मुख्य अतिथि खेल मंत्री गिरीश यादव ने कहा कि खेल में दिव्यांगजनों का प्रदर्शन कहीं भी सामान्यजनों से कम नहीं है यदि उन्हें अवसर दिया जाए तो उनका प्रदर्शन सामान्यजनो से भी अच्छा होता है, ऐसा हम लोगों ने पैरा ओलंपिक में हम देख चुकें। समापन समारोह में श्री अशोक चौरसिया महामंत्री भाजपा काशी क्षेत्र, विधायक बदलापुर जौनपुर रमेश चंद्र मिश्रा, अमीनुद्दीन इस्लाम व मकसूद्दीन रहमान बांग्लादेश, डॉ अजय चौरसिया, प्रो सुशील जैन, राकेश रोशन यादव, भारत भूषण यादव, आशीष गुप्ता, अजय सिंह बबलू, फादर सजीज जोसेफ की गरिमामय उपस्थिति रही।

समापन समारोह में स्वाति शर्मा लखनऊ, शशिकांत पांडेय वाराणसी, डॉ नीरज खन्ना वाराणसी, शीला निण्डा झारखंड, कमलजीत कौर अमृतसर, श्री राजेश पांडेय वाराणसी को राष्ट्रीय दिव्यांग सेवा रत्न पुरस्कार से नवाजा गया।
इस अवसर पर दिव्यांग क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ऑफ इंडिया की गजल खान, हासन रशीद, डॉ अतुल सिंह, डॉ साधना सिंह अध्यक्ष उत्तर प्रदेश दिव्यांग क्रिकेट एसोसिएशन, श्री अजीत श्रीवास्तव, डॉ. तुलसीदास, डॉ. नीरज खन्ना, डॉ कर्म राज सिंह, श्री कांती, नीरज सक्सेना मिडिया प्रभारी डॉ मनोज तिवारी, डाँ आर ए जोसेफ, सुमित सिंह, धीरज चौरसिया, भावेश सेठ, मदन मोहन वर्मा, आशुतोष प्रजापति, प्रदीप सोनी, श्याम जी, नमिता सिंह, चंद्रकला रावत, राधा सिंह एवं बड़ी संख्या में छात्र, समाजसेवी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहकर दिव्यांग खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।
अतिथियों का स्वागत कार्यक्रम के संयोजक एवं माई मास्टर 11 श्री राजेश पांडेय जी ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डाँ तुलसी ने किया डॉ मनोज तिवारी मीडिया प्रभारी ऑल इंडिया दिव्यांग क्रिकेट एसोसिएशन 

रिपोर्ट- डा. सुनील जायसवाल. चीफ एडिटर
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