बीएचयू हृदय रोग विभाग में एचओडी का आमरण अनशन खोलेगा करप्शन का ब्लॉकेज


सुपर स्पेशियलिटी भवन में नव निर्मित हृदय रोग विभाग में लगे डिजिटल लाक को खोलने, भ्रष्ट चिकित्सा अधीक्षक को हटाने की मांग को लेकर बीएचयू स्थित सर सुंदरलाल चिकित्सालय के हृदय रोग विभागाध्यक्ष प्रोफेसर ओमशंकर आगामी 8 मार्च से कुलपति आवास के सामने आमरण अनशन पर बैठेंगे।
बुधवार को इसकी जानकारी उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलपति सहित जिलाधिकारी को पत्र भेजकर दे दी है।
बुधवार को डांस ओमशंकर खुद सुपर स्पेशियलिटी भवन में बने हृदय रोग विभाग पहुंचकर बंद तालों को दिखाया जिसके चलते लोगो को उनके स्वास्थ्य के अधिकारों से वंचित किया जा रहा है।
अपने आमरण अनशन के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि मैं मानव सेवा के लिए चिकित्सक बना लेकिन आज हृदय रोग जैसे अति महत्वपूर्ण विभाग में रोगियों की उपेक्षा हो रही है।
नव निर्मित विभाग में डिजिटल लाक के चलते दूर दराज से आए रोगियों का इलाज नहीं हो पा रहा है। पिछले दो साल में हजारों रोगी लौट गए हैं और न जाने कितनों की मौत हो गई।
उन्होंने कहा मैं पिछले दो सालों इस समस्या को लेकर देश के प्रधानमंत्री सहित विश्वविद्यालय के कुलपति तक को पत्र लिख रहा हूं लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं है। कुलपति सीधे तौर पर भ्रष्ट चिकित्सा अधीक्षक को बचा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस मामले में बनी कमेटी तक ने इस बात को माना कि सुपर स्पेशियलिटी भवन के चौथे तल में बने हृदय रोग विभाग को पूरा तल आवंटित किया जाना जरुरी है, लेकिन इस पर अमल नहीं किया गया।
विश्वविद्यालय के कुलपति पर भी उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कुलपति विश्वविद्यालय को बीएचयू एक्ट के तहत नहीं निजी एक्ट से चला रहे है। एक तरफ एकेडमिक काउंसिल का गठन तक नहीं किया गया तो दूसरी तरफ मनमाने तरीके से पद बांटा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मैं एक चिकित्सक हूं मानव सेवा ही मेरा धर्म है। अगर मैं अपने प्राणों की आहुति देकर भी आम आदमी के लिए स्वास्थ्य का अधिकार मुहैया करवाने में सफल रहा तो मैं समझेंगा कि मेरी मौत सफल रही है।
रिपोर्ट- डा. सुनील जायसवाल. चीफ एडिटर
मुख्य चिकित्साधिकारी वाराणसी द्वारा लाल बहादुर शास्त्री चिकित्सालय में हृदयाघात संबधी एक कार्यशाला का आयोजन किया गया
