वाराणसी रामनगर को गोद लेकर मधुमेह मुक्त करने का संकल्प


वाराणसी रामनगर को गोद लेकर मधुमेह मुक्त करने का संकल्प
रामनगरः रिसर्च सोसाइटी फ़ॉर स्टडी ऑफ डाइबिटीज इन इंडिया( आरएसडीडीआई) की यू पी शाखा ने मधुमेह उन्मूलन के लिए बाराबंकी के चार गांवों के बाद अब रामनगर को गोद लिया है। रामनगर में अब मधुमेह मरीजों की खोज करने के बाद उन्हें मधुमेह से मुक्ति के गुर सिखाए जाएंगे। इसके अलावा मधुमेह की दहलीज पर खड़े लोगों को आवश्यक सलाह दे कर उन्हें सतर्क किया जाएगा। इस बाबत जनकपुर स्थित एक लान में शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में देश के नामचीन डाइबिटीज चिकित्सकों का जमावड़ा आरएसडीडीआई के बैनर तले हुआ। विलेज एडॉप्शन प्रोग्राम के तहत आरएसडीडीआई ने रामनगर को गोद लिया है। कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए प्रो नरसिंह वर्मा ने बताया कि हमारी संस्था ने बाराबंकी में चार गांवों को गोद लेकर वहाँ मधुमेह उन्मूलन का अभियान सफलतापूर्वक चलाया। इससे प्रेरित हो कर अब प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र के रामनगर को गोद लिया गया है। प्रो अनुज माहेश्वरी ने कहा कि भारत आज मधुमेह का हब बन गया है। 10 करोड़ से ज्यादा लोग मधुमेह पीड़ित हो चुके है। इसके अलावा 13 करोड़ लोग बॉर्डर लाइन पर हैं जो कभी भी मधुमेह की चपेट में आ सकते हैं। अहमदाबाद से आये डॉ वंशी बाबू ने बताया मधुमेह के मामलों में डिलेड डायग्नोसिस सबसे बड़ी समस्या है। बहुत से ऐसे लोग है जिन्हें खुद के मधुमेह से पीड़ित होने की जानकारी तब होती है जब वो इससे होने वाले साइड इफेक्ट्स का शिकार हो जाते है। डॉ अमित गुप्ता ने कहा कि जागरूकता ही मधुमेह उन्मूलन का सबसे बड़ा हथियार है। डाइट कंट्रोल और व्यायाम के जरिये काफी हद तक इसे नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के जरिये हम आपको आपके चिकित्सकों से दूर नही कर रहे हैं बल्कि आपको एक वैकल्पिक उपाय के जरिये शुगर नियंत्रित करने को तैयार कर रहे है। डॉ कमलाकर त्रिपाठी, डॉ राकेश सहाय, डॉ संजय अग्रवाल ने कहा कि आरएसडीडीआई का मधुमेह उन्मूलन के लिए प्रयास सराहनीय है। रामनगर में शुगर मरीजो की खोज फिर दवा और खानपान पर नियंत्रण के साथ उनसे लगातार फीडबैक ले कर आगे इलाज किया जाएगा। इसके पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ एम एल सी अश्वनी त्यागी और मेयर अशोक तिवारी तथा अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। उन्होंने आरएसडीडीआई के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पूरे प्रदेश में इस तरह का अभियान चलाया जाना चाहिए। केन्द्रीय मंत्री डॉ जितेन्द्र सिंह ने भी लोगों को वर्चुअल सम्बोधित किया। अतिथियों ने संस्था की स्मारिका का विमोचन किया। कार्यक्रम में आये मधुमेह मरीजों को ग्लूकोमीटर वितरित किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ अजय तिवारी ने किया। इस मौके पर आशा गुप्ता,मधुकर पाण्डेय, रितेश पाल,राजकुमार सिंह, पार्षद लल्लन सोनकर, मनोज यादव, रामनरेश सोनकर, प्रशांत सिंह,जितेंद्र पाण्डेय, अमूल्य सिन्हा आदि उपस्थित थे।
रिपोर्ट- एस के यादव..रामनगर वाराणसी
मुख्य चिकित्साधिकारी वाराणसी द्वारा लाल बहादुर शास्त्री चिकित्सालय में हृदयाघात संबधी एक कार्यशाला का आयोजन किया गया
