कोर्ट में गवाही न देने पर यातायात निरीक्षक का वेतन रोकने के दिये आदेश


कोर्ट में गवाही न देने पर यातायात निरीक्षक का वेतन रोकने के दिये आदेश
आगरा। स्पेशल जज पोक्सो एक्ट माननीय परवेज अख्तर ने थाना जगदीशपुरा के अपहरण बलात्कार एवं पॉक्सो एक्ट के मामले में बार-बार कोर्ट द्वारा सम्मन नोटिस भेजने के बावजूद भी तत्कालीन विवेचक वर्तमान में मैनपुरी में यातायात निरीक्षक प्रदीप कुमार सेंगर तैनाती मैनपुरी का अग्रिम आदेश तक वेतन रोकने के लिए पुलिस अधीक्षक मैनपुरी को पत्र भेजा है । कोर्ट ने पत्र में कहा है कि उनकी कोर्ट में एक मुकदमा अपहरण बलात्कार एवं पॉक्सो एक्ट का राज्य बनाम जैकी आदि के नाम से विचाराधीन है । उक्त मामले में समस्त गवाहों के बयान हो चुके हैं लेकिन मात्र उक्त विवेचक साक्षी प्रदीप कुमार सेंगर का साक्ष्य शेष है। जबकि उक्त गवाह पर न्यायालय के तमाम आदेश तामील होने के बावजूद भी वह गवाही के लिए हाजिर नहीं हो रहे हैं जो कि घोर आपत्तिजनक है।
पत्र में कहा गया है कि उक्त पत्रावली इस न्यायालय की प्राचीनतम पत्रावली में से एक है जो माननीय उच्च न्यायालय की एक्शन प्लान 2023/24 में शीघ्र निस्तारण के लिए आदेश भी किया जा चुका है। लेकिन मात्र विवेचनक का बयान न होने से उक्त पत्रावली का निस्तारण नहीं हो पा रहा है । जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता श्रीमती मधु शर्मा ने कोर्ट में उक्त गवाह के हाजिर न होने पर कोर्ट में दलील दी कि उक्त विवेचक गवाह के खिलाफ सख्त कानून कारवाई की जाए।
कोर्ट ने सहायक शासकीय अधिवक्ता श्रीमती मधु शर्मा के तर्क पर गंभीर रुख अपनाते हुए पुलिस अधीक्षक मैनपुरी को पत्र भेज कर विवेचक प्रदीप कुमार सेंगर का वेतन अगली तिथि तक रोकने के आदेश किए हैं ।
साथ ही निर्देश दिया है कि 3 अक्टूबर 2024 को उक्त गवाह को व्यक्तिगत रूप से हाजिर होकर अपना बयान दर्ज कराना सुनिश्चित करे और साथ ही कृत कार्रवाई से कोर्ट को अवगत कराए।