जौनपुर सेंट जान्स स्कूल के टीचर की मार से कक्षा ६ का बच्चा हुआ बेहोश, स्कूल मैनेजमेंट का फूला हाथ पैर


जौनपुर सेंट जान्स स्कूल के टीचर की मार से कक्षा ६ का बच्चा हुआ बेहोश, स्कूल मैनेजमेंट का फूला हाथ पैर
बच्चे के बेहोश होने की सूचना पर परिजन लगातार स्कूल को लगा रहे थे फोन, लापरवाह स्कूल वालों ने नहीं उठाया परिजनों का फोन, स्कूल की बड़ी लापरवाही दी दिखाई,
जौनपुर - थाना सरायख्वाजा अंतर्गत क्षेत्र सिद्दीकपुर स्थित सेंट जान्स स्कूल में एक टीचर नूरुश सभा द्वारा कक्षा 6A के छात्र श्रेयांश सिंह पुत्र अनुज सिंह निवासी बसंतकुंज कालोनी पालटेक्निक चौराहा थाना कोतवाली को केवल इस बात पर बुरी तरह सिर पर मारा गया की वह अपना होमवर्क में कुछ गलती था, इसी बात पर टीचर द्वारा श्रेयांश को बुरी तरह मारा,जिसके कारण वह घंटो बेहोशी के हालत में पड़ा था, उक्त घटना के बाद स्कूल मैनेजमेंट का हाथ पैर फूलने लगा, आनन फानन में स्कूल वालो ने बेहोश श्रेयांश को डाक्टर के पास लेकर भागे, बड़ी हैरानी की बात यह हुई की जब बच्चे को होश आया तो स्कूल के सभी अध्यापक एवं अध्यापिका वहां मैजूद थी और वह टीचर भी वहां उपस्थित थी जिन्होंने श्रेयांश को मारा था जिसकें कारण वह बेहोशी के हालत में पहुँच गया था होश में आने के बाद वही टीचर श्रेयांश को बरगलाते हुए उससे यह निवेदन कर रही थी की किसी को यह मत कहना की मेरे द्वारा मारने पीटने से तुम बेहोश हुए हो बल्कि चक्कर आने के कारण बेहोश हो गए हो, यदि तुमने बता दिया कि मेरे द्वारा मारने के कारण तुम बेहोश हो गए तो मेरा कैरियर खराब हो जाएगा जिसके बाद मेरी नौकरी भी चली जाएगी मेरे छोटे छोटे बच्चे हैं, बेटा मुझे बचा लो, ऐसा कृत्य करने वाली टीचर का उस बच्चे के सामने गिड़गिड़ाना यह साबित करता है कि टीचर द्वारा बच्चे की पिटाई के बाद बच्चा बहुत देर तक बेहोशी की हालत में पड़ा रहा, जिसको स्कूल वाले स्वीकार नहीं रहे हैं,
श्रेयांश के बेहोशी की सूचना के लिए उसी स्कूल में पढ़ रही उसकी बड़ी बहन श्रेया के बार बार कहने के बाद स्कूल वालो ने उसके परिजनों को सूचित किया, जिन्होंने परिजनों को यह बताना उचित नहीं समझा था कि उनका बच्चा बेहोश हो गया, जिसके लगभग एक घंटे के बाद श्रेयांश के पिता अनुज सिंह एवं दादी गायत्री देवी, चाचा जयसिंह आनन फानन में स्कूल पहुँचे और देखा की रेस्टरुम में स्कूल के लोगों द्वारा उसे पानी पिलाया जा रहा था, और परिजनों ने यह भी देखा की श्रेयांश जो शर्ट पहन कर स्कूल गया था वह शर्ट उसने नहीं पहन रखा था बल्कि स्कूल वालो ने उसे नयी शर्ट पहना दिया था, जब स्कूल पहुचे परिजनों को श्रेयांश के साथ उसकी टीचर द्वारा सिर पर मारने की बात पता चली जिसके कारण वह बेहोशी के हालत में पहुँच गया था, तो परिजनों ने स्कूल के प्रिंसिपल से उक्त महिला टीचर से मिलने के लिए कई बार निवेदन किया गया लेकिन स्कूल मैनेजमेंट ऐसी कोई घटना को मानने को मंजूर नहीं, वहीं श्रेयांश के परिजनों द्वारा उसे घर लाया गया तो वह घर आने के बाद बताने लगा की मुझे टीचर द्वारा बुरी तरह मारा था जिसके बाद मैं बेहोश हो गया था, जब होश आया तो टीचर मुझसे बोली कि तुम अपने परिजनों से यह मत बताना की मेरे मारने पीटने के कारण तुम बेहोश हुए हो,
बच्चे के पिता अनुज सिंह ने बताया की हम लोग अपने बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए बेहतर स्कूल शिक्षा के लिए भेजते है और वहां पर टीचर द्वारा यदि बच्चों के साथ ऐसा कृत्य किया जाएगा तो कैसे कोई इन जैसे स्कूलों में अपने बच्चो को भेजेगा वही बच्चे के पिता ने बताया की उन्हें भी इस घटना की जानकारी नही थी की उनके बच्चे को टीचर द्वारा मारा गया था जिसके कारण वह बेहोश हो गया था, सवाल यह उठता है की इस उमस भरी गर्मी एवं चिलचिलाती धूप में भारी भरकम स्कूल बैग लादकर मासूम बच्चे स्कूल पहुचते हैं उसके बाद ऐसे बुरा तरह से टीचर द्वारा मारा जाएगा तो कोई भी बच्चे के साथ कोई दुर्घटना घटित हो सकती हैं जैसे आज श्रेयांश के साथ हुआ है, जिला प्रशासन को ऐसे लापरवाह स्कूल टीचर एवं स्कूल प्रबंधक के खिलाफ सख्त कार्यवाही करना अति आवश्यक हैं, जिससे अन्य कोई मासूम ऐसे बेरहम टीचर की कोप का शिकार होने से बच सके।
रिपोर्ट-सतांशु गुप्ता.जौनपुर
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