गोरखपुर में नर्सिंग छात्राओं के रोटरी क्लब ने आयोजित किया सेमिनार


गोरखपुर में नर्सिंग छात्राओं के रोटरी क्लब ने आयोजित किया सेमिनार
गोरखपुर। वाराणसी की आवाज। गंगोत्री देवी महिला महाविद्यालय मे रोटरी क्लब के तत्वावधान मे नर्सिंग छात्राओं के जागरूकता हेतु मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य विषय पर चिकित्सा सेमिनार का आयोजन हुआ। इस अवसर पर वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. बबिता शुक्ला , डॉ . मीता अग्रवाल, डॉ . अरुणा छपारिया व वरिष्ठ बाल व शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ सोहन कुमार गुप्त मौजूद रहें। कार्यक्रम का संचालन आईएमए के पूर्व अध्यक्ष वरिष्ठ चिकित्सक डॉ आरपी शुक्ल ने किया।
इस अवसर पर आगंतुक चिकित्सको का स्वागत कॉलेज के व्यवस्थापक आशुतोष मिश्र, नर्सिंग कॉलेज की प्रधानाचार्य लोरीटा याकूब व महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ पूनम शुक्ला ने किया।
इस अवसर पर डॉ बबिता शुक्ला ने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण हमारे देश के विकास, संसाधनों के संरक्षण, और पर्यावरण संतुलन के लिए अत्यंत आवश्यक है। हमें जनसंख्या वृद्धि के कारणों और उनके प्रभावों को समझकर उचित उपाय करने की आवश्यकता है। इसके लिए शिक्षा, जागरूकता, परिवार नियोजन, और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार जैसे उपायों को अपनाना होगा। डॉ शुक्ला ने नर्सो की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा नर्सें स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र की रीढ़ होती हैं और उनका कार्य न केवल मरीजों की देखभाल करना होता है, बल्कि स्वास्थ्य सेवा प्रणाली के सुचारु संचालन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाना होता है। नर्सें अपने कर्तव्यों का पालन निष्ठा, समर्पण और संवेदनशीलता के साथ करती हैं, जिससे मरीजों को उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाएँ मिलती हैं।नर्सों का कर्तव्य स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में अत्यंत महत्वपूर्ण और विविध है। वे मरीजों की देखभाल, मानसिक समर्थन, शिक्षा, प्रशासन, और सामुदायिक स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। नर्सें न केवल मरीजों के शारीरिक स्वास्थ्य को सुधारने में मदद करती हैं, बल्कि उनकी मानसिक और भावनात्मक स्थिति को भी बेहतर बनाने में सहायता करती हैं।
डॉ. अरुणा छपारिया ने कहा स्तन कैंसर महिलाओं में सबसे आम प्रकार का कैंसर है। इसके कारणों में आनुवंशिकता, हार्मोनल असंतुलन, और जीवनशैली शामिल हो सकते हैं।महिलाओं में सबसे आम प्रकार के कैंसर स्तन कैंसर, गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर, और डिंबग्रंथि का कैंसर हैं। इन कैंसरों की रोकथाम और प्रारंभिक पहचान के लिए टीकाकरण और नियमित स्वास्थ्य जाँच अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। डॉ मीता अग्रवाल ने कहा
मातृ स्वास्थ्य देखभाल का पहला चरण गर्भावस्था से शुरू होता है। गर्भवती महिलाओं को उचित पोषण और नियमित चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता होती है। गर्भावस्था के दौरान सही पोषण का मतलब है कि महिलाओं को आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स युक्त आहार लेना चाहिए। यह न केवल माँ के स्वास्थ्य के लिए, बल्कि गर्भ में पल रहे शिशु के स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण है।
वरिष्ठ बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ सोहन गुप्ता ने नर्सिंग छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि टीकाकरण न केवल शिशुओं को गंभीर बीमारियों से बचाता है, बल्कि उनके समग्र स्वास्थ्य को भी सुरक्षित रखने में मदद करता है। यह एक वैज्ञानिक उपलब्धि है जिसने शिशु मृत्यु दर को कम किया है और कई घातक बीमारियों को नियंत्रण में लाया है। इस अवसर पर रोटरी क्लब के अध्यक्ष एमपी कंडोई, सचिव संचित श्रीवास्तव, मान्धाता सिंह, महेश गर्ग, रामपाल सिंह, नीरज अस्थाना, अशोक गुप्ता, सुधांशु चंद्रा के साथ महाविद्यालय व नर्सिंग विभाग की शिक्षिकायें मौजूद रहीं।
