•   Friday, 04 Apr, 2025
The operation of illegal pathology and diagnostic centers is taking a toll on patients pockets Who i

अवैध पैथोलॉजी एवं डायग्नोस्टिक सेंटरों का संचालन मरीजों की जेब पर पड़ रहा भारी कौन है जिम्मेदार इन अवैध फर्मो के संचालन की

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  Varanasi ki aawaz

अवैध पैथोलॉजी एवं डायग्नोस्टिक सेंटरों का संचालन मरीजों की जेब पर पड़ रहा भारी कौन है जिम्मेदार इन अवैध फर्मो के संचालन की 


सोनभद्र:-जनपद सोनभद्र में अवैध तरीके से पैसा कमाने की होड़ में स्वास्थ्य विभाग सब पर पड़ रहा भारी? विदित हो कि जनपद सोनभद्र पिछड़ा और आदिवासी बाहुल्य जिला है जिस वजह से यहां पर शिक्षा और विकास की गति काफी धीमी है जिसका पूरा का पूरा लाभ यहां के कुछ पढ़े लिखे कतिपय भ्रष्ट लोगों के द्वारा जनपद में तैनात अधिकारियों से अपने साठ गाठ बैठा कर  यहां निवास करने वाली भोली भाली जनता से लिया जा रहा है! चाहे वह स्वास्थ्य विभाग हो या शिक्षा विभाग हो या खनन विभाग हो या राजस्व विभाग हो!
 एक छोटा सा एग्जांपल स्वास्थ्य विभाग को ही लेकर देखा जाए तो इस समय जनपद में स्वास्थ्य विभाग में तैनात अधिकारियों की मनमानी और लापरवाही तथा गलत तरीके से धन प्राप्त करने की भूख के वजह से जनपद सोनभद्र में सैकड़ो पैथोलॉजी एवं सैकड़ो डायग्नोस्टिक सेंटरों की भरमार पड़ी है जनपद का ऐसा कोई कोना बाकी नहीं है जहां पर हर गली गुचे,चट्टी चौराहों पर इस तरह की अवैध फर्मे संचालित ना हो! अचंभा तो तब होता है जब जिला मुख्यालय पर भी जिले के तमाम आला अधिकारियों की नियुक्ति एवं आवास होने के बावजूद भी जिला मुख्यालय रावटसगंज में दर्जनों से अधिक अवैध मानक विहीन डायग्नोस्टिक सेंटर एवं कई पैथोलॉजी सेंटर अधिकारियों की मेहरबानी के वजह से बिना किसी भय के अवाध गति से संचालित हो रहे हैं!
 कितने में बिके हैं इन अवैध फर्मो के जांच करता नोडल अधिकारी?
 आए दिन जांच के नाम पर पैसा कमाने के चक्कर में इन अवैध फर्मो के संचालन कर्ताओं को संबंधित विभागीय अधिकारियों द्वारा नोटिस जारी कर दी जाती है वहीं दूसरी तरफ हफ्ते दिन के अंदर ही वहीं फर्मे पुनः दोबारा संचालित देखी जाती हैं अभी तक यह एक रहस्य का विषय बना हुआ है!
 आखिर ऐसी कौन सी वजह है कि नोडल अधिकारियों द्वारा जिन डायग्नोस्टिक सेंटरों एवं पैथोलॉजी सेंटरों को यह कहते हुए सीज कर नोटिस जारी कर दिया जाता है कि वह सभी मानक विहीन है तो फिर वही इतनी जल्दी चालू कैसे हो जाती है यह एक जांच का विषय है!
 जिले में नोडल अधिकारियों के अलावा भी उनके ऊपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी भी हैं तथा उनके ऊपर भी जिलाधिकारी महोदय जी भी हैं ऐसे में यदि मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं जिलाधिकारी महोदय इसे संज्ञान में लेकर एक टीम गठित कर इसकी गोपनीय जांच काराएं तो स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत भ्रष्ट अधिकारियों की सारी पोल जग जाहिर हो जाएगी!
 क्या जिले के आला अधिकारी इसे संज्ञान में लेंगे या स्वास्थ्य विभाग इसी तरह अपनी मनमानी पूर्ण रवैया से भोली भाली जनता की जेबों को अपने चहेतों के द्वारा खाली कराता रहेगा?

रिपोर्ट- श्रीराम शुक्ला.. सोनभद्र
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