•   Sunday, 06 Apr, 2025
Chhota Mirzapur Maa Vaishno Mandir A huge Bhandara was organized at the conclusion of Shri Ram Kevat

छोटा मिर्ज़ापुर माँ वैष्णों मंदिर श्री राम केवट प्रेम कथा के समापन पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे के आयोजन के दौरान कस्बे के सैकड़ो श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया

Generic placeholder image
  Varanasi ki aawaz

छोटा मिर्ज़ापुर माँ वैष्णों मंदिर श्री राम केवट प्रेम कथा के समापन पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे के आयोजन के दौरान कस्बे के सैकड़ो श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया

मिर्जापुर से राहुल गुप्ता की रिपोर्ट

इस दौरान मिर्जापुर जनपद अदलहाट थाना क्षेत्र के भगवान श्री राम केवट प्रेम कथा कराई गई मुख्य अतिथि रविंद्र जायसवाल भाजपा,विशिष्ट अतिथि राजन भाई पटेल पिछड़ा मोर्चा प्रदेश महामंत्री भाजपा, अयोध्या प्रसाद निषाद, पप्पू सिंह पटेल,श्री बजरंग सेवा समिति के सदस्य माँ गंगा को साक्षी मानकर एक संकल्प उठाया ना मैं गंगा में गंदगी करूंगा ना मैं किसी को करने दूंगा यह संकल्प सिर्फ गंगाराम साहनी श्री बजरंग सेवा समिति के हीं लोगो ने उठाया ,राजू साहनी (शास्त्री ),राजू साहनी( मिस्त्री ),राजू साहनी ( कैमरा मैन ),राजकुमार साहनी ( हलवाई ),आकाश साहनी गौतम कुमार मनीष साहनी आशीष साहनी रामकेश साहनी सोनू साहनी ( अर्जुन )रितेश साहनी राजू साहनी (बीडीसी),संजय साहनी(बीडीसी )गंगा राम साहनी प्रमोद साहनी जितेंद्र साहनी 
अमन विकास सिंह धोनी गोविंद साहनी जितेंद्र साहनी अभिषेक साहनी ( बाबा )प्रिंस साहनी किशन साहनी बाबू साहनी मोनू हलवाई  समस्त ग्रामवासी सैकड़ों लोग मौजूद रहे।*

कथा व्यास मर्मज्ञ आचार्य राम ज्ञान पांडेय ने बताया कि राम केवट प्रेम कथा का आयोजन 13मार्च से किया जा रहा था। जिसका आज समापन हुआ। जिसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। राम केवट प्रेम कथा का आयोजन श्री बजरंग सेवा समिति समस्त राम भक्त और क्षेत्र वासियों की ओर से करवाया गया था। जिसमें 2 दिन तक चली राम केवट प्रेम कथा में मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम केवट के आचरण उनके आदर्श और उनकी कथाओं के बारे में विस्तार से कथावाचक मर्मज्ञ आचार्य रामज्ञान पांडे जी  ने बताया।

 रामज्ञान पांडेय ने बताया कि ऐसे आयोजन क्षेत्र में होते रहने बहुत जरूरी हैं। आधुनिकता के इस दौर में लोग हमारी संस्कृति हमारे भगवान और हमारे रीति रिवाज से दूर होते जा रहे हैं। ऐसे में ऐसी कथाएं हमें हमारे पौराणिक संस्कृतियों से जोड़ने का काम करती हैं और कथा के बहाने सभी लोगों का मिलना भी हो जाता है। इसलिए सभी भक्तों को कथा में भाग लेना चाहिए और समय मिलने पर कथा का श्रवण करना चाहिए तथा भगवान राम के बताएं आदर्शों पर चलना चाहिए तभी जीवन का कल्याण संभव है।

रिपोर्ट- राहुल गुप्ता. जिला संवाददाता मीरजापुर
Comment As:

Comment (0)