महाकुंभ 2025 महाशिवरात्रि पर अंतिम शाही स्नान सम्पन्न 66 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई पावन डुबकी


महाकुंभ 2025 महाशिवरात्रि पर अंतिम शाही स्नान सम्पन्न 66 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई पावन डुबकी
प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ 2025 अपने अंतिम शाही स्नान पर्व—महाशिवरात्रि पर सम्पन्न हो गया। इस पावन अवसर पर करोड़ों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बीते सभी स्नान पर्वों की तरह इस बार भी सुबह से ही व्यवस्थाओं पर नजर बनाए रहे। गोरखपुर प्रवास के चलते उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में ही कंट्रोल रूम स्थापित कर लाइव मॉनिटरिंग की और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कंट्रोल रूम से की निगरानी
महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सुबह 4 बजे ही गोरखनाथ मंदिर स्थित कंट्रोल रूम पहुंच गए। वहां से उन्होंने प्रयागराज में महाकुंभ के अंतिम स्नान पर्व की व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग की। टीवी स्क्रीन पर लाइव फीड के माध्यम से उन्होंने त्रिवेणी संगम सहित विभिन्न घाटों पर हो रहे स्नान, सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं की भीड़ का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्नान के दौरान किसी भी श्रद्धालु को कोई असुविधा न हो और यातायात प्रबंधन सुचारू रहे।
इससे पूर्व बसंत पंचमी और माघ पूर्णिमा अमृत स्नान के दौरान भी मुख्यमंत्री ने इसी तरह सुबह से वॉर रूम में अधिकारियों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं पर बारीकी से नजर रखी थी। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं का अभिनंदन करते हुए उन्हें महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं दीं और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर भगवान शिव से सभी के कल्याण की प्रार्थना की।
महाशिवरात्रि पर संगम में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
महाशिवरात्रि के अवसर पर प्रयागराज के त्रिवेणी संगम सहित सभी प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। दिनभर लाखों श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगाते रहे। इस बीच प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने अपनी पत्नी, प्रयागराज की पूर्व महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी के साथ त्रिवेणी संगम में स्नान किया और मां गंगा को चुनरी अर्पित की। उन्होंने श्रद्धालुओं से धर्म और अध्यात्म के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
भारतीय वायु सेना का एयर शो, नेपाल से भी पहुंचे श्रद्धालु
महाकुंभ 2025 के अंतिम दिन भारतीय वायु सेना ने मेला क्षेत्र में एक भव्य एयर शो का आयोजन किया। इस दौरान वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने रोमांचक प्रदर्शन कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
महाकुंभ में भारत के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालुओं के अलावा पड़ोसी देश नेपाल से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। नेपाल के जनकपुर से आए चार किशोर—मनीष मंडल, रब्बज मंडल, अर्जुन मंडल और दीपक साहनी ने अपने चाचा डोमी साहनी के साथ संगम में स्नान किया। उन्होंने भगवान शिव की थीम वाली एक समान ट्यूनिक पहनी थी और ‘महाकाल’ लिखा गमछा भी ओढ़ रखा था। साहनी ने बताया कि स्नान के बाद वे अयोध्या में भगवान राम के दर्शन के लिए जाएंगे।
66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने किया स्नान
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, महाशिवरात्रि के स्नान पर्व पर शाम 4 बजे तक कुल 1.32 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया। इसके साथ ही, बीते 25 फरवरी तक महाकुंभ में कुल स्नान करने वालों की संख्या 64.77 करोड़ को पार कर गई थी, जो महाशिवरात्रि के स्नान के बाद 66 करोड़ से अधिक हो गई।
महाकुंभ 2025 में देशभर से श्रद्धालु उमड़े। कई श्रद्धालुओं ने कहा कि वे ‘144 वर्षों’ के फैक्टर से आकर्षित होकर इस महाकुंभ में पहुंचे, क्योंकि इस बार कुंभ का विशेष संयोग बना था।
काशी, अयोध्या और अन्य तीर्थस्थलों पर भी आस्था का ज्वार
प्रयागराज के अलावा काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या धाम और प्रदेश के अन्य प्रमुख शिवालयों में भी श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि पिछले डेढ़ महीने से काशी विश्वनाथ धाम में प्रतिदिन 8 से 10 लाख श्रद्धालु दर्शन कर रहे थे और महाशिवरात्रि के दिन भी वहां अपार भीड़ रही।
अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर भी 8 से 10 लाख श्रद्धालु प्रतिदिन रामलला के दर्शन के लिए आ रहे हैं। प्रदेश के अन्य प्रमुख मंदिरों—गाजियाबाद के बाबा दूधेश्वरनाथ धाम, बागपत के पुरा महादेव धाम, मेरठ के बाबा औघड़नाथ धाम, बाराबंकी के बाबा लोधेश्वरनाथ मंदिर, गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर, बरेली के नाथ नगरी, गोंडा, बस्ती के बाबा भदेश्वरनाथ मंदिर, झारखंडी महादेव मंदिर, अयोध्या के नागेश्वरनाथ मंदिर, रुद्रपुर के दुग्धेश्वरनाथ मंदिर, संतकबीरनगर के तामेश्वरनाथ मंदिर सहित कई स्थानों पर लाखों श्रद्धालुओं ने महाशिवरात्रि पर्व मनाया।
योगी आदित्यनाथ का संदेश—राष्ट्र निर्माण में धर्म और आस्था की भूमिका अहम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रयागराज महाकुंभ में उमड़ी अपार भीड़ राष्ट्रीय एकात्मकता का संदेश दे रही है। श्रद्धालु ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना के साथ समाज को राष्ट्रीयता के प्रति समर्पित होने की नई प्रेरणा प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देवाधिदेव महादेव से हम सभी को जो लोक कल्याण की प्रेरणा मिलती है, उसी भावना से हम अपने समाज और राष्ट्र के लिए समर्पण भाव से कार्य करेंगे।
मंत्री नंद गोपाल नंदी ने कहा कि मां गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, भक्ति और मोक्ष की जीवनदायिनी धारा हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से शिव साधना, सेवा और संकल्प के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
महाकुंभ 2025: आधिकारिक रूप से सम्पन्न
13 जनवरी 2025 को प्रारंभ हुआ महाकुंभ 26 फरवरी 2025 को महाशिवरात्रि के अंतिम स्नान के साथ पूर्णाहुति को प्राप्त कर गया। इस दौरान 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में पुण्य स्नान किया, जो एक ऐतिहासिक संख्या है। महाकुंभ 2025 ने पूरी दुनिया को भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और राष्ट्रीय एकता का अनुपम संदेश दिया।
रिपोर्ट- मो रिजवान अंसारी. जिला संवाददाता इलाहाबाद