महाकुम्भ 2025 का शुभारंभ संगम तट पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब लाखों लोगों ने लगाई आस्था की डुबकी सुरक्षा और स्वच्छता पर विशेष ध्यान


महाकुम्भ 2025 का शुभारंभ संगम तट पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब लाखों लोगों ने लगाई आस्था की डुबकी सुरक्षा और स्वच्छता पर विशेष ध्यान
प्रयागराज:- विश्व के सबसे विशाल आध्यात्मिक और सांस्कृतिक समागम ‘महाकुम्भ 2025’ का शुभारंभ तीर्थराज प्रयागराज में आज पौष पूर्णिमा के पावन अवसर पर हुआ। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समस्त श्रद्धालुओं, संतों, महात्माओं और कल्पवासियों का स्वागत किया और प्रथम स्नान की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने महाकुम्भ को भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बताते हुए इसे ‘अनेकता में एकता’ की भावना का जीवंत उदाहरण कहा।
*संगम तट पर श्रद्धा और उल्लास का अद्भुत दृश्य*
गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम तट पर लाखों श्रद्धालु स्नान के लिए उमड़ पड़े। आधी रात से ही हर-हर गंगे और जय श्रीराम के जयकारों से संगम क्षेत्र गूंज उठा। देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने पवित्र जल में आस्था की डुबकी लगाई। कई श्रद्धालु सिर पर गठरी लिए उत्साह से संगम की ओर बढ़ते दिखे।
रूसी श्रद्धालुओं समेत कई विदेशी आगंतुकों ने भी महाकुम्भ के इस अलौकिक दृश्य की सराहना की। एक रूसी श्रद्धालु ने कहा, "यहां हम असली भारत की सच्ची शक्ति देख सकते हैं। गंगा के पवित्र जल में स्नान करना एक दिव्य अनुभव है।"
*पुलिस की विनम्रता बनी श्रद्धालुओं की पहली पसंद*
योगी सरकार के निर्देश पर पुलिसकर्मियों को बिहेवियर ट्रेनिंग दी गई थी, जिसका सकारात्मक असर पहले स्नान पर्व पर स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। श्रद्धालुओं ने पुलिस कर्मियों से पांटून ब्रिज और सेक्टरों की जानकारी लेने में अधिक भरोसा दिखाया। पुलिस की विनम्रता और सहयोगी रवैया श्रद्धालुओं को प्रभावित करता रहा।
एसएसपी महाकुम्भ राजेश द्विवेदी ने सुरक्षा के कड़े इंतजामों की जानकारी दी। इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) से मेला क्षेत्र की निगरानी की जा रही है। घाटों और पांटून ब्रिजों पर पुलिस की व्यापक तैनाती रही। बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगों की मदद के लिए भी पुलिसकर्मी तत्पर दिखे।
*स्वच्छता पर विशेष ध्यान*
नगर विकास और ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने प्रयागराज की सड़कों पर सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया और सफाई कर्मियों को प्रोत्साहित किया। नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों ने श्रद्धालुओं का फूलों की माला पहनाकर स्वागत किया। तीर्थयात्रियों ने मेला क्षेत्र की स्वच्छता और दिव्यता की सराहना की।
*बढ़ती भीड़ के साथ बढ़ता उत्साह*
पौष पूर्णिमा स्नान के अवसर पर भारी भीड़ उमड़ने की संभावना को देखते हुए घाटों पर सुरक्षा बल पूरी तरह मुस्तैद रहे। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सुबह 8:00 बजे तक 40 लाख लोगों ने संगम में स्नान किया। यह आंकड़ा 9:30 बजे तक 60 लाख और शाम 4:00 बजे तक 1.60 करोड़ तक पहुंच गया।
*सांस्कृतिक गर्व और आस्था का पर्व*
श्रद्धालु अपनी संस्कृति और परंपरा पर गर्व महसूस कर रहे हैं। संगम तट पर आध्यात्मिक उत्सव का यह अद्वितीय दृश्य सोशल मीडिया पर भी छाया रहा। युवाओं ने इस पवित्र स्नान के क्षणों को कैमरे में कैद कर साझा किया।
महाकुम्भ के पहले स्नान पर्व के साथ प्रयागराज में एक नई आध्यात्मिक यात्रा की शुरुआत हो चुकी है। श्रद्धालु बड़ी संख्या में संगम तट पर पहुंच रहे हैं और महाकुम्भ के दिव्य आयोजन का हिस्सा बन रहे हैं। प्रशासन की कुशल व्यवस्थाएं और स्वच्छता कर्मियों की मेहनत इस आयोजन को भव्य और स्मरणीय बना रही हैं।
रिपोर्ट- मो रिजवान अंसारी. जिला संवाददाता इलाहाबाद