मीरजापुर बारीस होने को अखियां तरस गई शुक्रवार को मिर्जापुर जिले के चुनार इलाके में झमाझम बारिश हुई तो किसानों की चेहरों पर आई मुस्कान बारिश न होने से किसानों कि चिंता बढ़ गई थी


मीरजापुर बारीस होने को अखियां तरस गई शुक्रवार को मिर्जापुर जिले के चुनार इलाके में झमाझम बारिश हुई तो किसानों की चेहरों पर आई मुस्कान बारिश न होने से किसानों कि चिंता बढ़ गई थी
चुनार मिर्जापुर-बारिश न होने से किसानों के साथ - साथ जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया था ,लोगो को उमस भरी जीवन व्यतीत करना पड़ रहा था ,वही किसान धान की बीज तो डाल दिए थें पर बारीस न होने से बहुत ही परेशान थे,किसी तरह अपना धान का बीज ट्यूबेल, नहर, पंपिंग सेट द्वारा तैयार कर रहे हैं जहां पर सिंचाई का साधन नहीं है धान का नर्सरी सूखने के कगार पर पहुंच गया है, मानसून देरी से आने पर किसानों कि मुश्किलें बढ़ गई थी, किसान चिंतित थे रोपाई धान की कैसे होगा उसी को लेकर ,वही अब मिर्ज़ापुर में बारीस होने से किसानों के चेहरे पर खुशी नजर आ रहा है,जिससे की धान की रोपाई हो सकता हैं,वही किसान सब्जी कि खेती किए जैसे टमाटर, मिर्च ,बैंगन,परवल, सुख गया था,जिससे किसानों को बहुत ही नुकसानी का सामना झेलना पड़ रहा है, जो बचा है सब्जी महंगे दामों पर बेंचा जा रहा है बिचौलियों द्वारा लेकिन किसानों का उनका फायदा नहीं मिल पा रहा है, काफी किसानों का सारा खर्च किसानी खेती बारी से चलता है, जीवन खेती पर ही निर्भर होता हैं, वें खेती करके कर्ज के साथ साथ बेटी की शादी विवाह और बच्चों का पढ़ाई के अलावा परिवार का सारा खर्च है,अगर एक वर्ष पैदा नही हुआ तो कर्ज में डूबने के कगार पर पहुंच जाते हैं किसान, और अपने परिवार का जीवन यापन भी सही से नही कर पाते हैं जिससे किसान अजिज आकर आत्महत्या करने को मजबूर हो जाता है,
रिपोर्ट- राहुल गुप्ता. जिला संवाददाता मीरजापुर
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